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पटना में CM आवास के पास शराब की बोतल मिलने से हड़कंप, फिर सवालों में बिहार शराबबंदी

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बिहार की राजधानी पटना में मुख्यमंत्री आवास के समीप शराब की खाली बोतल मिलने के बाद हड़कंप मच गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और शराबबंदी कानून पर फिर सवाल उठने लगे हैं।

पटना/आलम की खबर:बिहार में लागू शराबबंदी कानून एक बार फिर चर्चा और सवालों के केंद्र में आ गया है। इस बार मामला राजधानी पटना के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले वीवीआईपी इलाके से जुड़ा है, जहां मुख्यमंत्री आवास के समीप शराब की खाली बोतल मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था, शराबबंदी कानून की प्रभावशीलता और राजधानी में अवैध शराब नेटवर्क को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री आवास के आसपास तैनात सुरक्षा कर्मी नियमित निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान सड़क किनारे एक संदिग्ध झोला दिखाई दिया। सुरक्षा कारणों से झोले की जांच की गई तो उसमें शराब की खाली बोतल बरामद हुई। इसके बाद तुरंत पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी गई। मामला मुख्यमंत्री आवास से जुड़ा होने के कारण कुछ ही देर में इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई और जांच शुरू कर दी गई।

पुलिस ने मौके से बरामद बोतल को जब्त कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब की बोतल वहां कैसे पहुंची और इसके पीछे कौन लोग हो सकते हैं। जांच एजेंसियां इस संभावना पर भी काम कर रही हैं कि कहीं यह किसी शराब तस्करी नेटवर्क से जुड़ा मामला तो नहीं। वहीं यह आशंका भी जताई जा रही है कि किसी ने जानबूझकर विवाद पैदा करने या सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने के उद्देश्य से झोला वहां रखा हो सकता है।

घटना सामने आने के बाद राजधानी के वीवीआईपी इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। मुख्यमंत्री आवास के आसपास का इलाका राज्य के सबसे सुरक्षित क्षेत्रों में गिना जाता है, जहां चौबीसों घंटे पुलिस, स्पेशल सुरक्षा टीम और निगरानी व्यवस्था तैनात रहती है। ऐसे इलाके में शराब की बोतल बरामद होना प्रशासन के लिए गंभीर मामला माना जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। इलाके में आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि संदिग्ध झोला वहां कब रखा गया और उसे कौन छोड़कर गया। इसके अलावा आसपास के सुरक्षा कर्मियों और स्थानीय कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।

बिहार में वर्ष 2016 से पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने शराबबंदी को सामाजिक सुधार और महिला सुरक्षा से जोड़ते हुए इसे अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया था। हालांकि कानून लागू होने के बाद से ही अवैध शराब तस्करी, शराब बरामदगी और जहरीली शराब से मौत जैसे मामले लगातार सामने आते रहे हैं।

राजधानी पटना समेत राज्य के कई जिलों में समय-समय पर शराब की खेप पकड़ी जाती रही है। कई बार पुलिस और उत्पाद विभाग की कार्रवाई में बड़े नेटवर्क का खुलासा भी हुआ है। इसके बावजूद शराबबंदी के बावजूद शराब उपलब्ध होने को लेकर सरकार और प्रशासन पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

यह पहली बार नहीं है जब बिहार के किसी अति सुरक्षित सरकारी परिसर से शराब से जुड़ा मामला सामने आया हो। इससे पहले बिहार विधानमंडल परिसर में शराब की बोतल मिलने से बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। राज्य सचिवालय परिसर में भी शराब की बोतल बरामद होने की घटना सामने आ चुकी है। अब मुख्यमंत्री आवास के पास शराब की बोतल मिलने के बाद विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का नया मौका मिल सकता है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ऐसे मामले शराबबंदी कानून की वास्तविक स्थिति पर बहस को और तेज कर देते हैं। विपक्ष लगातार दावा करता रहा है कि बिहार में शराबबंदी पूरी तरह सफल नहीं हो पाई है और अवैध शराब का नेटवर्क अभी भी सक्रिय है। वहीं सरकार का कहना है कि शराबबंदी कानून के कारण सामाजिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव हुए हैं और अवैध कारोबारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है।

इस घटना के बाद आम लोगों के बीच भी तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे सुरक्षा चूक मान रहे हैं तो कुछ लोग इसे शराबबंदी कानून की विफलता से जोड़कर देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया है और लोग सरकार तथा प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं।

पुलिस फिलहाल मामले को बेहद गंभीरता से लेकर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मामला सिर्फ लापरवाही का है या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है। यदि जांच में किसी व्यक्ति या गिरोह की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बिहार में शराबबंदी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस पहले से ही जारी रही है। अब मुख्यमंत्री आवास के समीप शराब की बोतल मिलने की घटना ने इस बहस को फिर से तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और प्रशासनिक सख्ती दोनों बढ़ सकती हैं।

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