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भीषण गर्मी से बिहार बेहाल, पटना में 5वीं तक सभी स्कूल बंद; कई जिलों में रेड अलर्ट

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बिहार में भीषण गर्मी और हीटवेव को देखते हुए पटना समेत कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग ने 14 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है।

पटना/आलम की खबर:बिहार इस समय भीषण गर्मी और जानलेवा लू की चपेट में है। आसमान से बरसती आग और जमीन से उठती तपिश ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। राज्य के कई जिलों में तापमान लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है और मौसम विभाग ने हालात को बेहद गंभीर बताया है। इसी खतरनाक स्थिति को देखते हुए राजधानी पटना में प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए कक्षा पांचवीं तक के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। यह फैसला बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

पटना जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों तथा प्री-स्कूलों को भी तत्काल प्रभाव से बंद किया गया है। जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। आदेश 22 मई से 26 मई तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान छोटे बच्चों की नियमित कक्षाएं पूरी तरह बंद रहेंगी।

जिला दंडाधिकारी Thyagarajan S M ने कहा कि दोपहर के समय अत्यधिक गर्म हवाएं चल रही हैं और खुले वातावरण में लंबे समय तक रहने से बच्चों की तबीयत बिगड़ सकती है। प्रशासन का मानना है कि स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया गया है।

प्रशासन ने केवल छोटे बच्चों तक ही यह फैसला सीमित नहीं रखा है। कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए भी विशेष समय-सारणी लागू की गई है। इन छात्रों की पढ़ाई अब सुबह 10:30 बजे तक ही संचालित की जाएगी। उसके बाद सभी शैक्षणिक गतिविधियां रोक दी जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि दोपहर की लू और तेज धूप बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

बिहार के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार रोहतास जिले के डेहरी में तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कैमूर में पारा 44.4 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, बक्सर, सासाराम और कई अन्य जिलों में भी भीषण गर्मी का असर देखा जा रहा है।

दोपहर के समय शहरों और कस्बों की सड़कें लगभग सुनसान नजर आ रही हैं। लोग घरों में रहने को मजबूर हैं और बाजारों में भी भीड़ काफी कम हो गई है। गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बिजली की मांग भी अचानक बढ़ गई है, जिससे कई इलाकों में बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं।

राज्य के कई जिलों में स्कूलों को लेकर अलग-अलग स्तर पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। गया और जहानाबाद में पहले ही पांचवीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। वहीं औरंगाबाद में आठवीं तक की कक्षाओं पर रोक लगा दी गई है। नौवीं से बारहवीं तक के छात्रों की कक्षाएं भी सीमित समय तक ही संचालित की जा रही हैं। सासाराम और छपरा जैसे जिलों में भी छोटे बच्चों के स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

मौसम विभाग ने बिहार के 14 जिलों में हीटवेव को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि आने वाले तीन से चार दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। दोपहर के समय गर्म हवाएं अधिक खतरनाक हो सकती हैं और लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार उच्च तापमान के कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि छोटे बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं इस मौसम में सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं। लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की अपील की गई है।

प्रशासन ने लोगों से कहा है कि धूप में निकलते समय सिर ढककर रखें और हल्के कपड़ों का इस्तेमाल करें। बच्चों को सीधे धूप में खेलने से रोकने और अधिक समय तक बाहर न रहने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ, जूस और तरबूज जैसे तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाने की सलाह दे रहे हैं।

भीषण गर्मी का असर खेती और पशुपालन पर भी दिखाई देने लगा है। ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले मजदूरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर के समय खेतों में काम लगभग बंद हो चुका है। पशुओं के लिए पानी और चारे की समस्या भी कई इलाकों में बढ़ती जा रही है।

राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी स्थिति को लेकर लगातार बैठकें की जा रही हैं। जिला प्रशासन स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष निगरानी रख रहा है। कई जगहों पर स्वास्थ्य शिविर और पानी की अतिरिक्त व्यवस्था भी की जा रही है।

फिलहाल बिहार में गर्मी से राहत के कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिन और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। ऐसे में लोगों की निगाहें मौसम में बदलाव और प्रशासनिक राहत उपायों पर टिकी हुई हैं।

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