:
Breaking News

भागलपुर के भीमकित्ता गांव में पुलिस टीम पर पथराव, गिरफ्तारी के दौरान बवाल, परिजनों ने महिलाओं-बच्चों से मारपीट का लगाया आरोप

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

भागलपुर के भीमकित्ता गांव में पुलिस टीम पर पथराव और हिरासत की घटना के बाद तनाव फैल गया। परिजनों ने पुलिस पर घर में घुसकर मारपीट का आरोप लगाया है।

भागलपुर/भीमकित्ता गांव/आलम की खबर:भागलपुर जिले के मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भीमकित्ता गांव में शुक्रवार देर रात पुलिस कार्रवाई के दौरान हालात अचानक बेकाबू हो गए। मारपीट के एक पुराने मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पहुंची पुलिस टीम को ग्रामीणों के विरोध और पथराव का सामना करना पड़ा। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि मारपीट मामले में वांछित आरोपी गांव में मौजूद हैं। इसी सूचना के आधार पर मधुसूदनपुर थाना की टीम देर रात भीमकित्ता गांव पहुंची थी। पुलिस टीम जब आरोपियों की तलाश में कार्रवाई कर रही थी, तभी गांव के कुछ लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और ग्रामीणों की ओर से पुलिस टीम पर पथराव शुरू हो गया। अचानक हुए हमले से पुलिसकर्मी भी कुछ समय के लिए असहज हो गए और मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस पथराव में कुछ पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें भी आई हैं, हालांकि कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है। हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और फिर कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए गांव निवासी विकास यादव और समीर यादव को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद पुलिस ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया और स्थिति को नियंत्रण में लिया।

घटना के बाद गांव में देर रात तक तनाव का माहौल बना रहा। पुलिस की भारी मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों देखा गया। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है और लगातार गश्त जारी है।

इधर दूसरी ओर, गिरफ्तार आरोपियों के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विकास यादव की पत्नी प्रीति कुमारी ने कहा कि देर रात बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और दरवाजा खोलने का दबाव बनाने लगे। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने पुलिस से आने का कारण पूछा तो कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, जिसके चलते उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से दरवाजा नहीं खोला।

परिजनों का आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने जबरन घर का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और घर में मौजूद महिलाओं तथा बच्चों के साथ मारपीट की गई। इस दौरान आशा भारती, बबिता कुमारी और सात वर्षीय बच्ची परी कुमारी के घायल होने की भी बात सामने आई है। परिजनों का यह भी आरोप है कि पुलिस ने घर के अंदर तोड़फोड़ की और सामान को नुकसान पहुंचाया।

सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि पुलिस ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर भी अपने साथ ले लिया, जिससे वे पूरे घटनाक्रम के सबूत मिटाने की बात कह रहे हैं। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और यह भी स्पष्ट करने की बात कही है कि विकास यादव किस मामले में आरोपी हैं, इसकी उन्हें कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

घटना के बाद गांव में दो पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। एक ओर ग्रामीण पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराज हैं तो दूसरी ओर पुलिस प्रशासन का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और टीम पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने इस मामले में अलग से प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी भी शुरू कर दी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, देर रात हुई इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और लोग पुलिस कार्रवाई को लेकर विभाजित राय रख रहे हैं। कुछ लोग इसे कानून व्यवस्था बनाए रखने की कार्रवाई बता रहे हैं तो कुछ लोग पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की बात कह रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *