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बिहार में मौसम का दोहरा वार: कहीं लू और उमस से हाहाकार, कहीं बारिश और वज्रपात से जनजीवन अस्त-व्यस्त

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बिहार में मौसम का अनोखा दोहरा रूप देखने को मिल रहा है। दक्षिण बिहार में लू और उमस से लोग परेशान हैं, जबकि उत्तर बिहार में भारी बारिश और वज्रपात ने जनजीवन प्रभावित किया है। कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

पटना/आलम की खबर: बिहार में मौसम का मिजाज इन दिनों पूरी तरह दो विपरीत ध्रुवों में बंटा हुआ दिखाई दे रहा है, जहां एक तरफ राज्य के दक्षिणी हिस्सों में भीषण गर्मी, लू और उमस ने लोगों का जीवन कठिन बना दिया है, वहीं दूसरी ओर उत्तर बिहार के कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात ने हालात को गंभीर कर दिया है। 23 मई 2026 को भी यही स्थिति पूरे राज्य में देखने को मिली, जिसने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक इस तरह के मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, जिससे लोगों की परेशानी फिलहाल बनी रहने के आसार हैं।

दक्षिण बिहार के पटना, गया, औरंगाबाद, नवादा, रोहतास, भोजपुर सहित कई जिलों में दोपहर के समय सूरज की तीखी धूप और गर्म हवाओं ने सड़कें सुनसान कर दी हैं। दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी और हवा में नमी के कारण उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि लोग जरूरी कामों के अलावा घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर इस गर्मी का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। अस्पतालों में भी गर्मी से जुड़ी बीमारियों जैसे डिहाइड्रेशन, लू लगना और कमजोरी के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।

बढ़ती गर्मी को देखते हुए कई जिलों में प्रशासन ने एहतियातन स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। पटना समेत कई इलाकों में छोटे बच्चों की कक्षाएं अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई हैं, ताकि उन्हें लू और तेज धूप से बचाया जा सके। अभिभावकों ने प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि दोपहर के समय स्कूल आने-जाने में बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

वहीं दूसरी ओर उत्तर बिहार के जिलों में मौसम का बिल्कुल उल्टा रूप देखने को मिल रहा है। मधुबनी जिले के कुछ स्थानों पर पिछले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सुपौल, अररिया, सीतामढ़ी, दरभंगा और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहा। कई जगहों पर तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है। अचानक हुई बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति भी बन गई है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह स्थिति बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और पश्चिमी हवाओं के टकराव का परिणाम है, जिसके कारण बिहार में एक साथ दो तरह के मौसम का असर देखने को मिल रहा है। विभाग का अनुमान है कि उत्तर बिहार में आने वाले दिनों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जबकि दक्षिण बिहार में लू और तेज गर्म हवाओं का प्रभाव अभी कम होने की संभावना नहीं है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है। इस दौरान शरीर में पानी की कमी, हीट स्ट्रोक और चक्कर आने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, हल्के और सूती कपड़े पहनने तथा धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। वहीं बारिश और वज्रपात वाले इलाकों में खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की चेतावनी जारी की गई है।

किसानों के लिए भी यह मौसम मिश्रित चिंता लेकर आया है। एक तरफ तेज धूप और गर्म हवाओं से खेतों में खड़ी फसलों पर असर पड़ रहा है, तो दूसरी तरफ अचानक बारिश और आंधी से तैयार फसल को नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। खासकर धान और सब्जी की खेती करने वाले किसानों के लिए यह समय बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।

कुल मिलाकर बिहार इस समय मौसम के एक गंभीर दोहरे संकट से गुजर रहा है, जहां एक ओर गर्मी ने जनजीवन को झुलसा दिया है तो दूसरी ओर बारिश और बिजली ने उत्तर बिहार में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद कम दिखाई दे रही है, जिससे प्रशासन और आम लोगों दोनों की चिंता बनी हुई है।

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