:
Breaking News

मोकामा में गैंगवार फिर भड़का: सोशल मीडिया विवाद के बाद फायरिंग, अनंत सिंह समर्थक और सोनू-मोनू गैंग आमने-सामने

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

बिहार के मोकामा के नौरंगा जलालपुर गांव में सोशल मीडिया विवाद के बाद फायरिंग की घटना से सनसनी फैल गई। अनंत सिंह समर्थक और सोनू-मोनू गैंग के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। पुलिस जांच और छापेमारी जारी है।

पटना/आलम की खबर: बिहार के मोकामा में एक बार फिर वर्चस्व की लड़ाई ने हिंसक रूप ले लिया है और नौरंगा जलालपुर गांव से सामने आई फायरिंग की घटना ने पूरे इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट से शुरू हुआ, जिसने धीरे-धीरे विवाद का रूप ले लिया और फिर बात गोलीबारी तक पहुंच गई। इस घटना ने एक बार फिर मोकामा क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और आपसी राजनीतिक-सामाजिक तनाव को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

जानकारी के अनुसार, यह विवाद तब शुरू हुआ जब गांव के सरपंच पति मुकेश कुमार ने 22 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट में उन्होंने स्थानीय प्रशासन और थाना प्रभारी के कार्यों की सराहना की थी। हालांकि, यह पोस्ट किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं था, लेकिन इसे लेकर इलाके में सक्रिय आपराधिक गुट से जुड़े लोगों ने आपत्ति जताई। आरोप है कि इस पोस्ट को लेकर सोनू-मोनू गैंग के परिवार की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई और पोस्ट हटाने का दबाव बनाया गया।

मुकेश कुमार ने इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने पोस्ट में केवल पंचायत स्तर पर हो रहे कार्यों और पुलिस की भूमिका की तारीफ की थी, लेकिन इसे गलत तरीके से लिया गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और तनाव लगातार बढ़ता चला गया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब आरोप है कि सोनू-मोनू गैंग के लोगों ने अपने अन्य साथियों को भी मौके पर बुला लिया और विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया।

घटना नौरंगा जलालपुर गांव की बताई जा रही है जो पंचमहला थाना क्षेत्र में आता है। बताया जाता है कि मुकेश कुमार पंचायत से जुड़े काम के सिलसिले में एक व्यक्ति के साथ गांव से गुजर रहे थे, तभी रास्ते में पहले से मौजूद लोगों से उनका सामना हुआ और बहस शुरू हो गई। इसी बहस के दौरान अचानक फायरिंग की गई, जिसमें मुकेश कुमार बाल-बाल बच गए। घटना के तुरंत बाद उन्होंने थाना प्रभारी को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार हो चुके थे।

इस घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी और इलाके में छापेमारी तेज कर दी गई। हाथीदह, मरांची और पंचमहला थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों को भी जांच में लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। वहीं घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और पुलिस लगातार गश्त कर रही है।

इस बीच पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक और विवाद सामने आया, जब पुलिस सोनू-मोनू के कथित ठिकाने पर दबिश देने पहुंची। आरोप है कि वहां मौजूद महिलाओं ने पुलिस को अंदर जाने से रोक दिया और करीब आधे घंटे तक पुलिस और ग्रामीण महिलाओं के बीच बहस की स्थिति बनी रही। इसी दौरान आरोपी मौके से पीछे के रास्ते से फरार हो गए। इस घटना ने पुलिस कार्रवाई की प्रक्रिया और स्थानीय स्तर पर अपराधियों के बढ़ते प्रभाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बताया यह भी जा रहा है कि इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों की तलाशी तक ली, जिससे स्थिति और भी असामान्य हो गई। हालांकि इस पर पुलिस अधिकारियों ने संयम बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और आगे की कार्रवाई शुरू की। पुलिस प्रशासन का कहना है कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

गौरतलब है कि मोकामा क्षेत्र पहले भी इस तरह की घटनाओं को लेकर सुर्खियों में रहा है। वर्ष 2025 में हुए नौरंगा गोलीकांड में भी दोनों पक्षों के बीच भारी गोलीबारी की घटना सामने आई थी, जिसमें दर्जनों राउंड फायरिंग की बात कही गई थी। उस समय भी मामले ने राजनीतिक और आपराधिक दोनों स्तर पर बड़ा विवाद खड़ा किया था।

इस पूरे मामले में सबसे अहम नाम बाहुबली नेता और विधायक Anant Singh से जुड़े समर्थकों का सामने आ रहा है, जिन पर पहले भी इलाके में प्रभाव और वर्चस्व की राजनीति को लेकर आरोप लगते रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सोनू-मोनू गैंग का नाम भी लगातार क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों के चलते चर्चा में रहा है। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रही यह तनातनी अब एक बार फिर हिंसा में बदलती नजर आ रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लगातार बढ़ते तनाव के कारण सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है और लोग दहशत में हैं। वहीं प्रशासन का दावा है कि स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।

फिलहाल मोकामा में हालात संवेदनशील बने हुए हैं और पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी है। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रही है कि आखिर कब तक बिहार के इस इलाके में वर्चस्व की लड़ाई और गैंगवार का सिलसिला चलता रहेगा।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *