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विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज निर्माण पूरा, जल्द शुरू होगा यातायात, बीआरओ ने तेज की मरम्मत प्रक्रिया

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विक्रमशिला सेतु पर 170 फीट लंबे पहले बेली ब्रिज का निर्माण पूरा हो गया है। बीआरओ ने दूसरे और तीसरे बेली ब्रिज का काम भी शुरू कर दिया है। जून के पहले सप्ताह तक यातायात बहाल होने की संभावना है।

भागलपुर/आलम की खबर:Vikramshila Setu पर मरम्मत कार्य अब तेज रफ्तार पकड़ चुका है और लंबे समय से बंद पड़े इस महत्वपूर्ण पुल पर यातायात बहाल करने की दिशा में बड़ी प्रगति दर्ज की गई है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा चल रहे युद्धस्तरीय अभियान के तहत 170 फीट लंबे पहले बेली ब्रिज का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह उपलब्धि न केवल इंजीनियरिंग स्तर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि बिहार के पूर्वी हिस्से के लाखों लोगों के लिए राहत की बड़ी खबर भी है।

बीआरओ के अधिकारियों के अनुसार, पहले बेली ब्रिज का स्ट्रक्चर पूरी तरह तैयार हो चुका है और अंतिम चरण की तकनीकी प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। शनिवार को टीम ने रैंप निर्माण, प्लेट संयोजन और फाइनल फिटिंग का काम पूरा किया। इससे पहले शुक्रवार रातभर इंजीनियरों और तकनीकी कर्मियों ने लगातार काम करते हुए शेष बची हुई संरचनाओं को पूरा किया। लोहे की भारी प्लेटें और चादरें पहले ही बिछाई जा चुकी थीं, जिन्हें अंतिम रूप देकर पुल को उपयोग योग्य स्थिति में लाया गया है।

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान तकनीकी परीक्षणों को भी गंभीरता से लिया गया। ब्रिज की भार क्षमता, संरचनात्मक स्थिरता और कंपन सहने की क्षमता का परीक्षण किया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की सुरक्षा संबंधी समस्या न उत्पन्न हो। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम सुरक्षा आकलन के बाद ही इस हिस्से को यातायात के लिए खोला जाएगा।

इधर दूसरी ओर, नवगछिया छोर पर 12 मीटर लंबे दूसरे बेली ब्रिज का निर्माण कार्य भी तेजी से शुरू कर दिया गया है। इस हिस्से में फाउंडेशन का अधिकांश कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका था, जिससे निर्माण कार्य में गति आई है। बीआरओ ने अगले तीन से चार दिनों के भीतर इस हिस्से को भी तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए आवश्यक लोहे की संरचनाएं, प्लेटें और तकनीकी उपकरण पहले ही निर्माण स्थल पर पहुंचा दिए गए हैं।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि दूसरे बेली ब्रिज के पूरा होते ही भागलपुर की ओर 24 मीटर लंबे तीसरे बेली ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इस तीसरे चरण के लिए भी सभी आवश्यक सामग्री साइट पर उपलब्ध कराई जा रही है और अगले दो दिनों के भीतर अतिरिक्त उपकरण और संरचनात्मक हिस्से पहुंचने की संभावना है। इससे साफ है कि पूरा प्रोजेक्ट लगातार चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है।

पूरे क्षेत्र में बीआरओ की टीम लगातार 24 घंटे काम कर रही है। इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में निर्माण कार्य को इस तरह से आगे बढ़ाया जा रहा है कि जून के पहले सप्ताह तक पुल पर वाहनों का परिचालन बहाल किया जा सके। अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

Vikramshila Setu को बिहार के पूर्वी क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है। यह पुल भागलपुर को नवगछिया और आगे कोसी-सीमांचल क्षेत्र से जोड़ता है। पिछले कुछ समय से पुल पर यातायात बाधित होने के कारण भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज सहित कई जिलों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और रोजमर्रा की आवाजाही पर इसका गहरा असर पड़ा है।

यातायात बंद होने के कारण वैकल्पिक मार्गों पर दबाव काफी बढ़ गया है, जिससे यात्रा समय और खर्च दोनों में वृद्धि हुई है। ऐसे में बेली ब्रिज निर्माण कार्य लोगों के लिए राहत की बड़ी उम्मीद बनकर सामने आया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुल के दोबारा शुरू होने से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को फिर से गति मिलेगी और सामान्य जीवन पटरी पर लौटेगा।

उधर, विशेषज्ञ टीम भी पुल की मौजूदा संरचना का वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण कर रही है। पटना स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) सहित कई तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञ पुल की गहन जांच में लगे हुए हैं। आधुनिक मशीनों की सहायता से पुल की भार वहन क्षमता, धातु की स्थिति, कंपन और संभावित दरारों का विश्लेषण किया जा रहा है।

विशेषज्ञ विशेष रूप से नवगछिया की ओर स्थित संवेदनशील हिस्सों की जांच कर रहे हैं, जहां पहले अधिक दबाव और कंपन देखा गया था। इन परीक्षणों के आधार पर भविष्य की स्थायी मरम्मत और सुरक्षा योजना तैयार की जाएगी, ताकि इस महत्वपूर्ण पुल की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।

बीआरओ अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता सुरक्षित और जल्द यातायात बहाल करना है। इसके बाद स्थायी मरम्मत और संरचनात्मक मजबूती पर काम किया जाएगा। लगातार मॉनिटरिंग और तकनीकी निरीक्षण के बीच कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है।

स्थानीय लोगों और प्रशासन की नजरें अब जून के पहले सप्ताह पर टिकी हुई हैं, जब उम्मीद है कि Vikramshila Setu पर यातायात फिर से शुरू हो जाएगा और क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी।

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