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Samastipur Weather Today: समस्तीपुर में बढ़ेगा गर्मी का कहर, 41 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान, अस्पताल अलर्ट मोड पर

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समस्तीपुर में अगले कुछ दिनों में भीषण गर्मी और लू का खतरा बढ़ने वाला है। मौसम विभाग ने तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की चेतावनी दी है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा है।

समस्तीपुर/आलम की खबर:बिहार में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है और अब लोगों को तेज गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। खासकर समस्तीपुर जिले में आने वाले कुछ दिनों के मौसम को लेकर मौसम विभाग ने गंभीर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों के दौरान तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है और अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। इस संभावित हीटवेव को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोनों सतर्क हो गए हैं। दोपहर के समय सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम होने लगी है और बाजारों में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक फिलहाल उत्तर बिहार के कई जिलों में गर्म पछुआ हवाएं चल रही हैं, जिसकी वजह से तापमान लगातार ऊपर जा रहा है। समस्तीपुर में शनिवार को अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य तापमान से करीब 2.8 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक आसमान साफ रहा और तेज धूप जारी रही तो गर्मी का प्रकोप और बढ़ सकता है। दिन के समय चिलचिलाती धूप लोगों को परेशान कर रही है जबकि शाम में भी गर्म हवा से राहत नहीं मिल रही।

गर्मी के बढ़ते असर ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। सुबह 10 बजे के बाद ही सड़कें सूनी नजर आने लगती हैं। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। रिक्शा चालक, मजदूर, डिलीवरी बॉय और खेतों में काम करने वाले किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। तेज धूप और उमस के कारण शरीर जल्दी थक जा रहा है और लोगों में डिहाइड्रेशन की समस्या भी बढ़ रही है। कई जगहों पर लोग ठंडे पेय पदार्थ और नारियल पानी का सहारा लेते नजर आ रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने भीषण गर्मी को लेकर विशेष एडवाइजरी जारी की है। डॉक्टरों ने खासकर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचना चाहिए। यदि बहुत जरूरी हो तभी बाहर जाएं और सिर को कपड़े या टोपी से ढंककर रखें। लगातार पानी पीते रहना बेहद जरूरी है ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।

डॉक्टरों ने लोगों को ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है। घर से बाहर निकलते समय पानी की बोतल साथ रखने, ओआरएस घोल, नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी का सेवन करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के दौरान शरीर में पानी की कमी होने पर चक्कर आना, उल्टी, तेज सिरदर्द, कमजोरी और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

समस्तीपुर के सिविल सर्जन ने जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। अस्पतालों में हीटस्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई है और जरूरी दवाइयों का स्टॉक बढ़ाया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि लू से पीड़ित मरीजों का तुरंत इलाज शुरू किया जाए ताकि किसी तरह की गंभीर स्थिति से बचा जा सके।

अस्पतालों में ओआरएस पैकेट, ग्लूकोज, जीवनरक्षक दवाएं और प्राथमिक उपचार की सुविधाएं उपलब्ध रखने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा एंबुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट पर रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने आशा कार्यकर्ताओं और ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मियों को भी गांवों में लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया है ताकि लोग समय रहते सतर्क हो सकें।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश की संभावना फिलहाल काफी कम है। यही वजह है कि गर्मी लगातार बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण हीटवेव की स्थिति बन सकती है। यदि तापमान लगातार सामान्य से अधिक बना रहता है तो बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है।

स्कूल जाने वाले बच्चों के अभिभावक भी मौसम को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। कई निजी स्कूलों में बच्चों को धूप से बचाने के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। कुछ जगहों पर स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को पानी की बोतल और टोपी के साथ आने को कहा है। वहीं ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। दिनभर की गर्मी के बाद रात में भी उमस से राहत नहीं मिल रही।

गर्मी के बढ़ते असर का बाजारों पर भी प्रभाव दिखाई देने लगा है। दोपहर के समय दुकानों पर ग्राहकों की संख्या कम हो रही है। आइसक्रीम, ठंडे पेय पदार्थ और जूस की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। वहीं बिजली की मांग बढ़ने के कारण कई इलाकों में लो-वोल्टेज और कटौती की शिकायतें भी सामने आने लगी हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम की इस स्थिति को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, शरीर का तापमान अचानक बढ़ना, सांस लेने में तकलीफ या बेहोशी जैसी समस्या महसूस हो तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए। गर्मी के दौरान लापरवाही गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है।

प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और मौसम विभाग व स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। आने वाले कुछ दिन समस्तीपुर समेत पूरे उत्तर बिहार के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

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