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Chapra News: ट्रेन में 106 लीटर विदेशी शराब बरामद, पांच तस्कर गिरफ्तार

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छपरा में आरपीएफ, CIB और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में ट्रेन संख्या 15232 से 106 लीटर से अधिक विदेशी शराब बरामद की गई। मामले में पांच शराब तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

छपरा/आलम की खबर:बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराब तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाकर अवैध कारोबार को बढ़ाने में लगे हुए हैं। कभी सड़क मार्ग तो कभी रेलवे मार्ग के जरिए शराब की खेप बिहार पहुंचाने की कोशिश की जाती है। इसी कड़ी में छपरा में रेलवे सुरक्षा बल, सीआईबी और जीआरपी की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रेन संख्या 15232 से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की है। इस कार्रवाई में पांच शराब तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद शराब की मात्रा 106 लीटर से अधिक बताई जा रही है, जिसकी कीमत करीब 88 हजार रुपये से ज्यादा आंकी गई है।

जानकारी के अनुसार वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त वाराणसी के निर्देश और सहायक सुरक्षा आयुक्त छपरा के मार्गदर्शन में रेलवे क्षेत्र में विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा था। इसी अभियान के तहत 23 मई 2026 को आरपीएफ की CPDS टीम छपरा द्वारा सुरेमनपुर से छपरा जंक्शन तक ट्रेन संख्या 15232 में आपराधिक गतिविधियों की जांच की जा रही थी। टीम ट्रेन के विभिन्न कोचों में लगातार निगरानी रख रही थी ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

जांच के दौरान कोच संख्या EC/227257 में कुछ युवक संदिग्ध हालत में पिट्ठू बैग और बड़े थैले लिए खड़े दिखाई दिए। सुरक्षा कर्मियों को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उन्हें रोककर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान युवक संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद जब टीम ने बैगों और थैलों की तलाशी ली तो उसमें भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई। शराब बरामद होते ही मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

बरामद शराब में कई नामी कंपनियों के ब्रांड शामिल हैं। इनमें रॉयल स्टैग, सिग्नेचर रेयर, ब्लेंडर प्राइड, मैजिक मोमेंट वोडका, आफ्टर डार्क, ऑफिसर चॉइस, किंगफिशर स्ट्रॉन्ग बीयर और बडवाइजर मैग्नम प्रीमियम बीयर जैसी शराब शामिल है। अधिकारियों के अनुसार कुल 106.915 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई है। इसकी अनुमानित कीमत 88 हजार 890 रुपये बताई गई है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वैशाली निवासी सदर कुमार, नयागांव निवासी सुजीत कुमार ओझा और सरोज कुमार, अमनौर निवासी श्याम सुंदर कुमार तथा सोनपुर निवासी हिमांशु पांडे के रूप में हुई है। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि शराब की खेप कहां से लाई जा रही थी और इसे बिहार में कहां पहुंचाया जाना था।

इस मामले में रेल थाना छपरा में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अब शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर अन्य लोगों की भी पहचान की जा सकती है। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है।

आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद ट्रेन मार्गों का इस्तेमाल शराब तस्करी के लिए लगातार बढ़ा है। कई तस्कर लंबी दूरी की ट्रेनों में शराब छिपाकर बिहार पहुंचाने की कोशिश करते हैं। हालांकि रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी लगातार ऐसे गिरोहों के खिलाफ अभियान चला रही है, जिसके कारण कई मामलों में बड़ी सफलता भी मिल रही है।

इस कार्रवाई में उप निरीक्षक विशाल, कांस्टेबल संजय यादव, कांस्टेबल अरविंद कुमार शाह, एएसआई विजय रंजन मिश्रा, एचसी रामसूरत कुमार, सीटी दिलीप कुमार तथा एएसआई लल्लन कुमार सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अधिकारियों ने पूरी टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। समय रहते कार्रवाई होने से बड़ी मात्रा में शराब बिहार में खपने से बच गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि शराबबंदी के बाद अवैध शराब कारोबारियों ने नए रास्ते तलाश लिए हैं। कई गिरोह संगठित तरीके से दूसरे राज्यों से शराब मंगाकर बिहार में सप्लाई करने की कोशिश करते हैं। हालांकि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की लगातार निगरानी के कारण ऐसे मामलों का लगातार खुलासा हो रहा है।

रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में बढ़ती निगरानी से तस्करों के लिए काम करना आसान नहीं रह गया है। रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस या आरपीएफ को दें। अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों के सहयोग से ऐसे अपराधों पर और प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सकती है।

स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि लगातार निगरानी और छापेमारी से अवैध शराब कारोबार पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। लोगों का कहना है कि शराब तस्करी पर सख्ती जरूरी है ताकि युवाओं को नशे से बचाया जा सके।

फिलहाल गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए रेल थाना छपरा को सौंप दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि शराब तस्करी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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