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Samastipur Viral Video: शराब पीते पकड़े गए डायल-112 के पुलिस पदाधिकारी, एसपी ने किया सस्पेंड

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समस्तीपुर के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में डायल-112 पर तैनात पुलिस पदाधिकारी का शराब सेवन करते वीडियो वायरल होने के बाद एसपी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जांच में आरोप सही पाए गए।

समस्तीपुर/आलम की खबर: बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद पुलिसकर्मियों पर लगातार उठ रहे सवालों के बीच समस्तीपुर से एक बड़ा मामला सामने आया है। जिले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में डायल-112 पर तैनात एक पुलिस पदाधिकारी का कथित रूप से शराब सेवन करते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए समस्तीपुर पुलिस प्रशासन ने तत्काल जांच कराई और प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद संबंधित पदाधिकारी को निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में चर्चा तेज हो गई है और आम लोगों के बीच भी इसको लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

बताया जा रहा है कि 23 मई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वायरल वीडियो में मुसरीघरारी थाना में डायल-112 पर प्रतिनियुक्त एक पुलिस पदाधिकारी संदिग्ध स्थिति में दिखाई दे रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने दावा किया कि संबंधित अधिकारी ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में थे। देखते ही देखते वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप ग्रुप में फैल गया। मामला तूल पकड़ने लगा तो पुलिस विभाग की भी किरकिरी शुरू हो गई। बिहार जैसे राज्य में जहां शराबबंदी कानून को लेकर सरकार लगातार सख्ती का दावा करती है, वहां एक पुलिस अधिकारी पर ही शराब सेवन का आरोप लगना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया।

वीडियो वायरल होने के बाद समस्तीपुर पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लिया। तत्काल जांच के आदेश दिए गए और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी स्तर से जांच प्रक्रिया शुरू कराई गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान वायरल वीडियो की सत्यता और संबंधित अधिकारी की गतिविधियों की पड़ताल की गई। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में शराब सेवन की पुष्टि होने की बात सामने आई। इसके बाद विभागीय कार्रवाई करते हुए संबंधित पुलिस पदाधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

जानकारी के मुताबिक निलंबित किए गए पदाधिकारी की पहचान विनोद कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में डायल-112 सेवा में प्रतिनियुक्त थे। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि बिहार में लागू शराबबंदी कानून का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे आम नागरिक हो या पुलिस विभाग का कोई अधिकारी-कर्मचारी, कानून सभी के लिए समान है। इसी आधार पर तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है।

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद जिले में पुलिस व्यवस्था और अनुशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जब कानून लागू कराने वाली एजेंसी के लोग ही नियमों का उल्लंघन करेंगे तो आम जनता में क्या संदेश जाएगा। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोग इस कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोगों ने पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना की, वहीं कई लोगों ने कहा कि ऐसे मामलों में सिर्फ निलंबन ही नहीं बल्कि कठोर कानूनी कार्रवाई भी होनी चाहिए।

बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद सरकार लगातार इसे सफल बनाने का दावा करती रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कई बार सार्वजनिक मंचों से शराबबंदी को सामाजिक सुधार का बड़ा कदम बता चुके हैं। इसके बावजूद समय-समय पर शराब तस्करी, शराब सेवन और पुलिस की संलिप्तता जैसे मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे में समस्तीपुर का यह मामला एक बार फिर शराबबंदी कानून की जमीनी हकीकत को लेकर बहस छेड़ रहा है।

डायल-112 सेवा को आम लोगों की सुरक्षा और त्वरित पुलिस सहायता के लिए शुरू किया गया था। किसी भी आपात स्थिति में लोग इस सेवा के जरिए तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त करते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण विभाग में तैनात पुलिस अधिकारी पर शराब सेवन का आरोप लगना विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला माना जा रहा है। यही वजह है कि पुलिस मुख्यालय स्तर पर भी इस मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है।

सूत्रों की मानें तो विभागीय स्तर पर आगे भी जांच जारी रहेगी। यदि जांच में और गंभीर तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित अधिकारी पर अतिरिक्त विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है। वहीं इस मामले के बाद जिले के अन्य थानों और पुलिस इकाइयों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी कर्मियों को अनुशासन बनाए रखने और शराबबंदी कानून का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।

इधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को सिर्फ कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि पुलिस विभाग के अंदर नियमित निगरानी और जांच व्यवस्था को भी मजबूत करना चाहिए। कई लोगों ने यह भी मांग की कि ड्यूटी के दौरान पुलिस कर्मियों की नियमित मेडिकल जांच और औचक जांच अभियान चलाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।

समस्तीपुर में सामने आया यह मामला फिलहाल पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल वीडियो के बाद हुई त्वरित कार्रवाई से यह साफ संकेत देने की कोशिश की गई है कि विभाग अपनी छवि खराब करने वाले कर्मियों को किसी भी कीमत पर बख्शने के मूड में नहीं है। अब लोगों की नजर आगे की जांच और संभावित कड़ी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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