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पटना में प्लास्टिक और पॉलीथिन पर सख्ती, डीएम ने कपड़े और पेपर बैग अपनाने की अपील की

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पटना में पॉलीथिन और प्लास्टिक बैग पर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। डीएम ने लोगों से कपड़े और पेपर बैग इस्तेमाल करने की अपील की है और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

पटना/आलम की खबर: राजधानी पटना में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। शहर में लगातार बढ़ते प्रदूषण, कचरे की समस्या और बारिश के दौरान होने वाले जलजमाव को देखते हुए प्रशासन ने पॉलीथिन और प्लास्टिक बैग के उपयोग पर व्यापक स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस. एम. ने साफ कहा है कि अब शहर में प्लास्टिक के इस्तेमाल को हल्के में नहीं लिया जाएगा और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

जिलाधिकारी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पॉलीथिन अब केवल सुविधा का साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह पर्यावरण और मानव जीवन दोनों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। उन्होंने कहा कि लोग अपनी दैनिक आदतों में बदलाव लाएं और कपड़े के थैले, जूट बैग तथा पेपर बैग जैसे पर्यावरण अनुकूल विकल्पों का उपयोग करें।

प्रशासन की ओर से पहले भी पॉलीथिन पर प्रतिबंध लागू किया गया था, लेकिन अब इसे और सख्ती से लागू करने की तैयारी है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बाजारों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में प्रतिबंधित या तय मानकों से अधिक मोटाई वाली पॉलीथिन का इस्तेमाल पाए जाने पर सीधी कार्रवाई की जाएगी।

डीएम ने यह भी बताया कि पॉलीथिन और प्लास्टिक पर्यावरण में वर्षों तक नष्ट नहीं होते, जिससे मिट्टी और पानी दोनों प्रदूषित होते हैं। इसका सीधा असर मानव जीवन और पशु-पक्षियों पर भी पड़ता है। कई बार आवारा पशु गलती से प्लास्टिक खा लेते हैं, जिससे उनकी जान तक चली जाती है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है।

पटना में जलजमाव की समस्या को भी प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। डीएम के अनुसार, नालियों और सड़कों पर फेंकी गई पॉलीथिन ड्रेनेज सिस्टम को जाम कर देती है। बारिश के मौसम में यही स्थिति शहर के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर देती है। अगर प्लास्टिक का उपयोग नियंत्रित हो जाए तो शहर की जल निकासी व्यवस्था काफी हद तक बेहतर हो सकती है।

जिलाधिकारी ने कहा कि यह अभियान केवल सरकारी आदेश नहीं है, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस मुहिम में प्रशासन का सहयोग करें और पर्यावरण को बचाने में अपनी भूमिका निभाएं।

प्रशासन अब इस अभियान को और तेज करने जा रहा है। आने वाले दिनों में बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। प्रतिबंधित पॉलीथिन पाए जाने पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई दोनों की जाएगी। इसके साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग इस बदलाव को अपनाएं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पटना जैसे बड़े शहर में प्लास्टिक का उपयोग कम हो जाए तो न केवल पर्यावरण में सुधार होगा बल्कि शहर की सफाई व्यवस्था भी मजबूत होगी। यह कदम स्वच्छ और सुरक्षित शहर की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

डीएम ने दोहराया कि पर्यावरण को बचाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। यदि लोग छोटे-छोटे बदलाव अपनाएं तो बड़ा परिवर्तन संभव है और आने वाली पीढ़ियों को बेहतर वातावरण दिया जा सकता है।

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