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समस्तीपुर में प्रशासनिक बैठकों की मैराथन, डीएम रोशन कुशवाहा ने कानून-व्यवस्था से लेकर जलजमाव तक दिए सख्त निर्देश

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समस्तीपुर डीएम रोशन कुशवाहा ने विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक कर कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, जलजमाव, भूमि विवाद, पर्यावरण और जनवितरण प्रणाली को लेकर अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए।

समस्तीपुर/आलम की खबर:समस्तीपुर समाहरणालय बुधवार को प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बना रहा। जिले के विकास, कानून-व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा, भूमि विवाद, नगर प्रबंधन और जनवितरण प्रणाली जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में लगातार कई समीक्षात्मक बैठकें आयोजित की गईं। समाहरणालय सभागार और कार्यालय प्रकोष्ठ में चली इन बैठकों में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठकों के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने, जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने और विभागीय समन्वय मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ तभी सार्थक माना जाएगा जब उसका सीधा फायदा आम लोगों तक समय पर पहुंचे।

सबसे पहले मंदिर चाहरदीवारी और कब्रिस्तान घेराबंदी योजनाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लंबित योजनाओं पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक सौहार्द और सामुदायिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए इन योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन बेहद जरूरी है। उन्होंने चयनित स्थलों पर निर्माण कार्य में तेजी लाने और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।

इसके बाद पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से संबंधित बैठकों में पर्यावरण संरक्षण और सिंगल यूज प्लास्टिक उन्मूलन पर चर्चा हुई। जिला पर्यावरण समिति, जिला आर्द्रभूमि समिति और प्लास्टिक उन्मूलन से जुड़ी बैठकों में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों की सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन बनाए रखना प्रशासन और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को नियमित निरीक्षण अभियान चलाने और सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि अभी से सतर्कता नहीं बरती गई तो आने वाले समय में पर्यावरण संबंधी समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।

कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आयोजित बैठक में जिले के सभी थानों में CCTV कैमरों की स्थापना की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लंबित स्थानों पर जल्द कैमरा लगाने और पहले से स्थापित कैमरों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

खनन टास्क फोर्स की बैठक में अवैध खनन और अवैध परिवहन को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने संयुक्त अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई तेज करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

वहीं NCORD यानी नारको कोऑर्डिनेशन सेंटर की बैठक में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर चिंता व्यक्त की गई। जिलाधिकारी ने पुलिस और संबंधित एजेंसियों को लगातार निगरानी रखने और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जाने चाहिए।

सड़क सुरक्षा समिति और नेशनल हाईवे सुरक्षा से जुड़ी बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर आवश्यक सुधार कार्य कराने, यातायात नियमों के पालन को सख्ती से लागू करने और आम लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है।

विधि-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान आगामी पर्व-त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों को लेकर प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों और थाना प्रभारियों को संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने और हर गतिविधि पर नजर बनाए रखने को कहा।

भूमि विवाद और भू-समाधान पोर्टल से संबंधित बैठक में जिलाधिकारी ने लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को नियमित जनता सुनवाई आयोजित करने और राजस्व मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

आपूर्ति टास्क फोर्स और जनवितरण प्रणाली की समीक्षा के दौरान राशन वितरण व्यवस्था को लेकर भी कई अहम निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने, नियमित निरीक्षण करने और गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही जनवितरण प्रणाली विक्रेताओं के आश्रितों के अनुकंपा नियोजन से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई।

नगर निगम क्षेत्र में मानसून के दौरान संभावित जलजमाव की समस्या को लेकर आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने सभी नालों की सफाई जल्द पूरी कराने और जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान शहरवासियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।

इसके अतिरिक्त इको प्रिम कलेक्टिव फाउंडेशन के कार्यक्रम समन्वयकों के साथ विभिन्न सामाजिक और विकासात्मक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बैठक में सामुदायिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी से जुड़े कई विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह, वन प्रमंडल पदाधिकारी, नगर आयुक्त, सभी अनुमंडल पदाधिकारी तथा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने अंत में सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए ताकि आम लोगों को योजनाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिल सके।

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