:
Breaking News

समस्तीपुर में कमजोर छात्रों के लिए 1 जून से विशेष समर कैंप, खेल-खेल में सिखाई जाएगी भाषा और गणित

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

जून से भाषा एवं गणित समर कैंप शुरू होगा। “प्रथम” संस्था के सहयोग से बच्चों को खेल-खेल में बुनियादी शिक्षा दी जाएगी।

समस्तीपुर/आलम की खबर:समस्तीपुर जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए शिक्षा विभाग ने एक नई पहल शुरू की है। जिले में कक्षा 5 और 6 के ऐसे छात्र-छात्राओं की पहचान की गई है जिन्हें भाषा पढ़ने, समझने और बुनियादी गणित हल करने में परेशानी होती है। अब इन बच्चों को मुख्यधारा की पढ़ाई से जोड़ने और उनकी बुनियादी शैक्षणिक क्षमता मजबूत करने के लिए जून महीने में विशेष समर कैंप आयोजित किया जाएगा।

शिक्षा विभाग के निर्देश पर यह “भाषा एवं गणितीय समर कैंप” 1 जून से 30 जून तक चलेगा। इस अभियान में “प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन” का सहयोग लिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मन से पढ़ाई का डर खत्म करना और उन्हें आसान व रोचक तरीके से सीखने के लिए प्रेरित करना है।

समस्तीपुर में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि कोरोना काल और लगातार कमजोर शैक्षणिक आधार के कारण कई बच्चे अपनी कक्षा के स्तर के अनुसार पढ़ने और गणित समझने में पीछे रह गए हैं। ऐसे बच्चों के लिए यह समर कैंप काफी मददगार साबित हो सकता है।

इस विशेष अभियान के तहत बच्चों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि खेल-खेल में सीखने की तकनीक अपनाई जाएगी। शिक्षकों और स्वयंसेवकों को निर्देश दिया गया है कि बच्चों को कहानियों, समूह गतिविधियों, चित्रों, छोटे-छोटे खेलों और आसान अभ्यासों के माध्यम से पढ़ाया जाए ताकि वे बिना दबाव के सीख सकें।

इसी अभियान को सफल बनाने के लिए बुधवार को जिला स्तर पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में जिले के सभी केआरपी, शिक्षा सेवक, तालीमी मरकज के शिक्षा स्वयंसेवक और कई शिक्षकों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उन्हें यह बताया गया कि बच्चों को भाषा और गणित कैसे सरल और रोचक तरीके से सिखाया जाए।

कार्यशाला के दौरान “प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन” के जिला समन्वयक सुधीर कुमार ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए अलग-अलग गतिविधि आधारित पद्धति अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों को पहले उनकी वर्तमान शैक्षणिक स्थिति के अनुसार समूहों में बांटा जाएगा और फिर उसी आधार पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्यक्रम में बच्चों को अक्षर पहचान, शब्द पढ़ना, वाक्य समझना, जोड़-घटाव, गुणा-भाग और रोजमर्रा के गणितीय सवालों को आसान तरीके से समझाया जाएगा। इसके लिए रंगीन चार्ट, कार्ड, खेल सामग्री और अन्य शिक्षण उपकरणों का उपयोग किया जाएगा।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल औपचारिक कैंप नहीं होगा, बल्कि हर बच्चे की प्रगति पर नजर रखी जाएगी। कैंप के दौरान बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें।

बिहार शिक्षा परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने सभी शिक्षा सेवकों और स्वयंसेवकों को निर्देश दिया है कि गांव-गांव जाकर बच्चों और अभिभावकों को समर कैंप के महत्व के बारे में बताया जाए। खासतौर पर ऐसे परिवारों से संपर्क करने को कहा गया है जिनके बच्चे पढ़ाई में कमजोर हैं या स्कूल आने में अनियमित रहते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का सबसे बड़ा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा बुनियादी शिक्षा में पीछे न रह जाए। यदि शुरुआती स्तर पर बच्चों की सीखने की समस्या को दूर कर दिया जाए तो आगे की पढ़ाई उनके लिए काफी आसान हो जाती है।

जिले के कई शिक्षकों ने भी इस पहल को सकारात्मक कदम बताया है। उनका कहना है कि कई बच्चे कक्षा 5 और 6 तक पहुंचने के बाद भी सामान्य पढ़ाई और गणित में कठिनाई महसूस करते हैं। ऐसे में अलग से समर कैंप चलाना बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद करेगा।

ग्रामीण इलाकों में रहने वाले अभिभावकों ने भी इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह दिखाया है। उनका कहना है कि यदि बच्चों को खेल और गतिविधियों के जरिए पढ़ाया जाएगा तो वे पढ़ाई में अधिक रुचि लेंगे और स्कूल से उनका जुड़ाव भी मजबूत होगा।

समस्तीपुर में शुरू होने जा रहा यह समर कैंप शिक्षा विभाग की उस सोच को भी दर्शाता है जिसमें केवल परीक्षा परिणाम ही नहीं बल्कि बच्चों की वास्तविक सीखने की क्षमता पर फोकस किया जा रहा है। आने वाले समय में यह पहल दूसरे जिलों के लिए भी मॉडल बन सकती है।

फिलहाल, जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस अभियान को सफल बनाने की तैयारी में जुटा हुआ है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जून महीने में चलने वाला यह विशेष समर कैंप हजारों बच्चों की शैक्षणिक नींव मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *