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पटना के सकरैचा गांव में वज्रपात से दो मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत, गांव में मातम

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पटना जिले के फुलवारी प्रखंड के सकरैचा गांव में वज्रपात की चपेट में आने से दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

पटना/आलम की खबर:पटना जिले के फुलवारी प्रखंड अंतर्गत सकरैचा गांव में शुक्रवार की सुबह एक बेहद दर्दनाक और दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। अचानक बदले मौसम और तेज गर्जना के बीच गिरी आकाशीय बिजली (वज्रपात) की चपेट में आने से बकरी चराने गई दो मासूम बच्चियों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया और हर तरफ मातमी सन्नाटा पसर गया।

मृत बच्चियों की पहचान गोपाली पासवान की 12 वर्षीय पुत्री शिमरन कुमारी और रिपु पासवान की 10 वर्षीय पुत्री स्वीटी कुमारी के रूप में हुई है। दोनों बच्चियां रोज की तरह शुक्रवार सुबह भी घर के पास खुले मैदान में बकरी चराने के लिए गई थीं। उस समय मौसम सामान्य था और किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही मिनटों में इतना बड़ा हादसा हो जाएगा।

सुबह करीब 8 बजे के आसपास मौसम अचानक बदलने लगा। आसमान में काले बादल छा गए, तेज हवाएं चलने लगीं और गर्जना के साथ बिजली चमकने लगी। खेतों में काम कर रहे लोग और ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे, लेकिन दोनों बच्चियां खुले मैदान में ही थीं। उन्हें संभलने या सुरक्षित जगह पहुंचने का समय नहीं मिल पाया।

इसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली सीधे उसी मैदान में गिरी जहां दोनों बच्चियां मौजूद थीं। वज्रपात इतना तेज था कि दोनों बच्चियां मौके पर ही गिर पड़ीं और उनकी तत्काल मौत हो गई। यह दृश्य इतना भयावह था कि आसपास मौजूद लोग भी सन्न रह गए।

घटना के बाद कुछ ही मिनटों में यह खबर पूरे गांव में फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। वहां का दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। मासूम बच्चियों की इस तरह अचानक मौत ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घरों में चीख-पुकार मची हुई है। मां-बाप बार-बार अपनी बच्चियों को पुकार रहे हैं, लेकिन अब सब कुछ खत्म हो चुका है। गांव का माहौल पूरी तरह शोक में डूब गया है।

ग्रामीण लगातार एक-दूसरे को सांत्वना देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इस दर्दनाक घटना का असर हर किसी पर गहरा है। लोग कह रहे हैं कि इतनी छोटी उम्र में इस तरह मौत हो जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और असहनीय है।

घटना की जानकारी मिलते ही सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नेता भी मौके पर पहुंचे। भाकपा माले के प्रखंड सचिव गुरुदेव रविदास ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और इसे अत्यंत हृदयविदारक बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।

उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि पीड़ित परिवार को तुरंत आपदा राहत योजना के तहत मुआवजा दिया जाए और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि परिवार इस कठिन समय से कुछ हद तक उबर सके।

ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग की है कि गांव स्तर पर वज्रपात से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए। उनका कहना है कि हर साल बरसात के मौसम में ऐसी घटनाएं होती हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण लोग अपनी जान गंवा देते हैं।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम में खुले मैदान, खेतों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास बिल्कुल न रहें। वज्रपात के समय सुरक्षित पक्के मकानों में रहना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।

यह घटना पूरे इलाके के लिए एक गहरी चेतावनी है कि प्राकृतिक आपदाओं को हल्के में नहीं लिया जा सकता। कुछ ही क्षणों में दो मासूम जिंदगियों का खत्म हो जाना पूरे गांव को झकझोर गया है और हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है।

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