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खगड़िया मोरकाही थाना में बवाल: आरोपी सौरव कुमार की मौत के बाद परिजनों का पुलिस पर गंभीर आरोप, थाना परिसर में हंगामा

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खगड़िया के मोरकाही थाना क्षेत्र में आरोपी सौरव कुमार की कथित डूबकर मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। थाना परिसर में जमकर हंगामा हुआ, प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया।

खगड़िया/आलम की खबर:तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई जब एक आरोपी सौरव कुमार की कथित तौर पर नदी में डूबने से मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग थाना परिसर में एकत्रित होकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन करने लगे। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही और अमानवीय व्यवहार के आरोप लगाए, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई।

जानकारी के अनुसार, परिजनों का आरोप है कि बीती रात पुलिस आरोपी सौरव कुमार को गिरफ्तार करने के लिए उसके घर पहुंची थी। इसी दौरान पुलिस और परिजनों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई। आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई और कथित पीछा करने के दौरान सौरव कुमार मालती नदी में जा गिरा, जहां उसकी डूबने से मौत हो गई। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया और देखते ही देखते यह मामला बड़े विरोध प्रदर्शन में बदल गया।

परिजनों का यह भी कहना है कि जब सौरव कुमार नदी में डूब रहा था, उस समय मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे बचाने का कोई प्रयास नहीं किया। इसी बात को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि यदि पुलिस समय पर मदद करती तो एक युवक की जान बचाई जा सकती थी। इसी मांग को लेकर लोगों ने मोरकाही थाना परिसर में पहुंचकर जमकर हंगामा किया और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।

थाना परिसर में अचानक भीड़ बढ़ने से स्थिति बेकाबू होने लगी। इसी दौरान मोरकाही थानाध्यक्ष अन्तिमा कुमारी ने आत्मरक्षा की स्थिति का हवाला देते हुए कथित तौर पर पिस्टल तान दी, जिससे माहौल और अधिक गरमा गया। इस घटना को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। थाना परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थिति नियंत्रण से बाहर होने की आशंका उत्पन्न हो गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई की गई। मौके पर सदर एसडीओ धनंजय कुमार और सदर एसडीपीओ-1 मुकुल रंजन पुलिस बल के साथ पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों को समझाने-बुझाने की कोशिश की और उन्हें आश्वस्त किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। प्रशासन ने परिजनों से लिखित आवेदन देने की भी अपील की है ताकि जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।

घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग और परिजन लगातार इस मामले में पारदर्शी जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखते हुए कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के बाद उचित कदम उठाए जाएंगे।

इस घटना ने एक बार फिर पुलिस कार्रवाई और नागरिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गिरफ्तारी की प्रक्रिया अधिक सावधानी और मानवीय तरीके से की जाती, तो यह दर्दनाक घटना टाली जा सकती थी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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