:
Breaking News

समस्तीपुर विकास समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री सख्त, जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई का निर्देश

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

समस्तीपुर में जिला कार्यक्रम एवं कार्यान्वयन समिति की बैठक में प्रभारी मंत्री दामोदर रावत ने जनप्रतिनिधियों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई और विकास योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया।

समस्तीपुर/आलम की खबर:समस्तीपुर जिले के विकास कार्यों, जनसमस्याओं और सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर शनिवार को समाहरणालय सभागार में जिला कार्यक्रम एवं कार्यान्वयन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बिहार सरकार के परिवहन मंत्री सह समस्तीपुर जिला प्रभारी मंत्री दामोदर रावत ने की। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सिंचाई, बिजली और नगर विकास सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। प्रभारी मंत्री ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

बैठक की शुरुआत स्वागत समारोह के साथ हुई, जिसमें प्रभारी मंत्री सहित उपस्थित सांसद, विधायक, विधान पार्षद और अन्य जनप्रतिनिधियों का सम्मान किया गया। इसके बाद विकास कार्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा शुरू हुई। प्रभारी मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जिला कार्यक्रम एवं कार्यान्वयन समिति की बैठक केवल औपचारिकता नहीं बल्कि जनता की समस्याओं को समाधान तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता और प्रशासन के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों का समयबद्ध समाधान आवश्यक है।

बैठक के दौरान विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने इलाकों की समस्याओं को विस्तार से रखा। कई जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीण सड़कों की बदहाल स्थिति, अधूरी विकास योजनाओं, पेयजल संकट, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों को प्रमुखता से उठाया। कुछ सदस्यों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और सरकारी विद्यालयों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने की मांग भी की।

प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत प्रत्येक शिकायत और सुझाव को गंभीरता से लिया जाए तथा उसकी प्रगति रिपोर्ट निर्धारित समय के भीतर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों एवं चिकित्सा कर्मियों की कमी का मुद्दा उठाया। इस पर संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। साथ ही मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

सिंचाई और कृषि से जुड़े विषयों पर चर्चा करते हुए किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराने, नहरों की सफाई और कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता बताई गई। मंत्री ने कहा कि कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाले जिले में किसानों की समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।

नगर विकास और स्वच्छता से जुड़े मुद्दे भी बैठक के केंद्र में रहे। शहरी क्षेत्रों में जलजमाव, सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों ने सुझाव दिए। नगर निकायों को इन समस्याओं के समाधान के लिए विशेष अभियान चलाने की सलाह दी गई।

बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों की उपस्थिति और जवाबदेही पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी बैठकों में सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। बिना पूर्व सूचना या स्वीकृति के अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी तथा वेतन कटौती जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं। इस निर्देश को प्रशासनिक व्यवस्था में अनुशासन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा विकास योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने की है और इसके लिए प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। विकास कार्यों की निगरानी नियमित रूप से की जानी चाहिए ताकि योजनाओं का लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंच सके।

बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी जिला प्रशासन और सरकार के समक्ष क्षेत्रीय आवश्यकताओं को मजबूती से रखा। कई सदस्यों ने विकास कार्यों की गति बढ़ाने और लंबित योजनाओं को शीघ्र पूरा करने की मांग की। जनप्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि बैठक में उठाए गए मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई होगी और जिले के विकास को नई गति मिलेगी।

यह भी पढ़ें: • रोसड़ा फर्नीचर चोरी कांड का खुलासा, पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार •

जिले के विकास को लेकर आयोजित इस बैठक को प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर संवाद का महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि बैठक में उठाए गए मुद्दों पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है और विकास योजनाओं का लाभ आम जनता तक किस गति से पहुंचता है। यदि अधिकारियों द्वारा निर्देशों का पालन प्रभावी ढंग से किया गया तो समस्तीपुर में विकास कार्यों को नई दिशा और रफ्तार मिल सकती है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *