:
Breaking News

पूर्णिया में बड़ा एक्शन: राजस्व कर्मचारी रूपक कुमार 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई से मचा हड़कंप

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

पूर्णिया के के. हाट अंचल में राजस्व कर्मचारी रूपक कुमार को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई से सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।

पूर्णिया/आलम की खबर:पूर्णिया जिले से एक बड़ी भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई सामने आई है, जहां निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) ने के. हाट अंचल में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी रूपक कुमार को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उस समय की गई जब आरोपी कर्मचारी भूमि परिमार्जन से जुड़े एक कार्य के बदले अवैध रूप से पैसे ले रहा था। अचानक हुई इस गिरफ्तारी से पूरे राजस्व महकमे में हड़कंप मच गया है और कार्यालय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार, आरोपी राजस्व कर्मचारी रूपक कुमार पर आरोप था कि वह भूमि परिमार्जन (land mutation correction) से जुड़े कार्यों को निपटाने के बदले आम नागरिकों से अवैध रूप से पैसे की मांग करता था। शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की जानकारी निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को दी थी। शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने पहले मामले का सत्यापन कराया और प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए।

इसके बाद निगरानी टीम ने पूरी योजना के तहत जाल बिछाया। तय रणनीति के अनुसार शिकायतकर्ता को 10 हजार रुपये की राशि के साथ आरोपी कर्मचारी के पास भेजा गया। जैसे ही रूपक कुमार ने रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, पहले से मौजूद निगरानी टीम ने मौके पर ही दबिश देकर उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कार्यालय के अन्य कर्मियों में भी भय का माहौल देखा गया।

निगरानी विभाग के अधिकारियों ने तुरंत आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस पूरे मामले में निगरानी थाना कांड संख्या-65/26 दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस अवैध वसूली में किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका भी शामिल थी या यह कार्य अकेले आरोपी द्वारा किया जा रहा था।

बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े मामलों में रिश्वतखोरी की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। खासकर भूमि परिमार्जन, दाखिल-खारिज, जमाबंदी सुधार और भूमि रिकॉर्ड अपडेट जैसे कार्यों में आम लोगों से अवैध पैसे की मांग की जाती है। ऐसे मामलों के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और कई बार छोटे से काम के लिए भी महीनों तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की यह कार्रवाई राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है। हाल के महीनों में भी ब्यूरो ने कई जिलों में विभिन्न विभागों के सरकारी कर्मियों और अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। लगातार हो रही ऐसी कार्रवाईयों से यह संदेश दिया जा रहा है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

स्थानीय स्तर पर इस गिरफ्तारी की चर्चा तेज है और लोग इसे एक सख्त कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं। वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी यह मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह सीधे तौर पर भूमि संबंधी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *