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समस्तीपुर में 02 जून को 49 सहयोग शिविरों की तैयारियों की समीक्षा, जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

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समस्तीपुर में 02 जून को आयोजित होने वाले 49 सहयोग शिविरों की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

समस्तीपुर/आलम की खबर:समस्तीपुर जिले में आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से 02 जून 2026 को आयोजित होने वाले 49 सहयोग शिविरों की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने पूरी सक्रियता तेज कर दी है। इस संबंध में समाहरणालय स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, वरीय पदाधिकारी एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।

जिलाधिकारी Roshan Kushwaha ने बैठक के दौरान स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि सहयोग शिविरों का मुख्य उद्देश्य केवल औपचारिक आयोजन नहीं होना चाहिए, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि आम नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक और समयबद्ध समाधान मौके पर ही किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिविर में आने वाले परिवादियों को उनके आवेदन की अद्यतन स्थिति की पूरी जानकारी दी जानी चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे और लोगों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत हो।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि जिन आवेदनों को 30 दिन पूर्व प्राप्त किया गया है, उनकी स्थिति की विस्तृत समीक्षा की जाए और संबंधित लाभार्थियों को उनके मामलों के निष्पादन की जानकारी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि जहां-जहां आवेदन का निपटारा हो चुका है, वहां उसकी सूचना भी स्पष्ट रूप से लोगों तक पहुंचाई जाए ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।

समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शिविर के दिन सभी आवश्यक अभिलेखों, अद्यतन रिकॉर्ड और तकनीकी संसाधनों के साथ उपस्थित रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या तैयारी में कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि यह शिविर सीधे तौर पर जनता से जुड़ा हुआ कार्यक्रम है और इसका प्रभाव आम लोगों के जीवन पर पड़ता है।

उन्होंने यह भी कहा कि सहयोग शिविर का उद्देश्य केवल शिकायतें लेना नहीं है, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना है। इन शिविरों के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में जिलाधिकारी ने वरीय अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार में लंबित मामलों की गहन समीक्षा करें और ऐसे मामलों की पहचान करें जिनमें कार्य प्रगति धीमी है या लापरवाही देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की रिपोर्ट तैयार कर उच्च स्तर पर भेजी जाए और आवश्यकतानुसार संबंधित पदाधिकारियों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इसके अलावा जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासनिक जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है ताकि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ बिना किसी बाधा के आम जनता तक पहुंच सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे शिविर के आयोजन को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लें और प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का प्रयास करें।

इस पूरी समीक्षा बैठक के बाद यह स्पष्ट संकेत मिला है कि जिला प्रशासन इस बार सहयोग शिविरों को केवल औपचारिक कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रभावी जनसमस्या समाधान मंच के रूप में आयोजित करने की तैयारी में है। इससे उम्मीद की जा रही है कि बड़ी संख्या में लंबित मामलों का निपटारा मौके पर ही किया जा सकेगा और जनता को राहत मिलेगी।

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