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समस्तीपुर में आपदा प्रबंधन की उच्च स्तरीय बैठक, बाढ़-सुखाड़ से निपटने की तैयारियों पर सख्त समीक्षा

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समस्तीपुर समाहरणालय में प्रभारी सचिव श्री प्रणव कुमार की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन बैठक हुई, जिसमें बाढ़ एवं सुखाड़ की संभावित स्थिति को देखते हुए नाव, चारा, जल निकासी व्यवस्था और स्लूज गेटों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा सभी विभागों को समयबद्ध तैयारी के निर्देश दिए गए।

समस्तीपुर/आलम की खबर:समस्तीपुर जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय सभागार में सोमवार को आपदा प्रबंधन विभाग की एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रभारी सचिव, समस्तीपुर जिला श्री प्रणव कुमार ने की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी समय में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करना और उन्हें और अधिक प्रभावी बनाना था।

बैठक में जिला स्तर के सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रभारी सचिव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आपदा प्रबंधन केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सीधे जनता की सुरक्षा, जीवन रक्षा और संसाधनों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ अत्यंत संवेदनशील विषय है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और सभी विभागों को पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।

बैठक में सबसे पहले बाढ़ की संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए तैयारियों की समीक्षा की गई। प्रभारी सचिव ने नावों की उपलब्धता, उनकी स्थिति और तैनाती को लेकर विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले के सभी संवेदनशील और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में नावें पहले से चिन्हित और क्रियाशील स्थिति में रहनी चाहिए, ताकि आपातकालीन स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक तुरंत पहुंचाया जा सके।

इसके साथ ही पशुधन सुरक्षा को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ के दौरान सबसे बड़ी समस्या पशुओं के लिए चारे की कमी होती है। इस समस्या को देखते हुए प्रभारी सचिव ने पशुपालन विभाग को निर्देश दिया कि पर्याप्त मात्रा में चारे का भंडारण पहले से सुनिश्चित किया जाए और जरूरत पड़ने पर त्वरित वितरण व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने कहा कि पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए उसकी सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

बैठक में जल निकासी व्यवस्था पर भी गंभीरता से चर्चा की गई। प्रभारी सचिव ने कहा कि भारी बारिश या बाढ़ की स्थिति में जल निकासी प्रणाली की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यदि जल निकासी व्यवस्था सही नहीं होगी तो शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए सभी नालों की नियमित सफाई, निगरानी और रखरखाव को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा जिले के विभिन्न स्थानों पर स्थित स्लूज गेटों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। प्रभारी सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी स्लूज गेट पूरी तरह कार्यशील अवस्था में रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि समय-समय पर उनकी तकनीकी जांच, मरम्मत और संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि जल नियंत्रण में किसी प्रकार की बाधा न आए।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। आपदा की स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सबसे महत्वपूर्ण होती है। प्रभारी सचिव ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि सभी अस्पतालों में आवश्यक दवाओं, एंबुलेंस और मेडिकल टीम की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सके।

इसके साथ ही राहत शिविरों की तैयारी, खाद्य सामग्री की उपलब्धता और आपातकालीन आपूर्ति व्यवस्था पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि संभावित प्रभावित क्षेत्रों की पहले से पहचान कर ली जाए और वहां राहत केंद्रों की व्यवस्था तैयार रखी जाए।

प्रभारी सचिव ने बैठक में मौजूद सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल योजना बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका प्रभावी क्रियान्वयन भी उतना ही आवश्यक है।

उन्होंने यह भी कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि आपदा के समय किसी भी प्रकार की देरी न हो। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किए जा सकें।

बैठक में यह भी तय किया गया कि आपदा प्रबंधन को लेकर जिला स्तर पर लगातार निगरानी की जाएगी और समय-समय पर समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सभी तैयारियां अपडेट और सक्रिय बनी रहें।

बैठक में रोशन कुशवाहा, ब्रजेश कुमार, राजेश कुमार सिंह, सिविल सर्जन समस्तीपुर सहित सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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