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लखीसराय में 96 हजार से अधिक पेंशनधारियों के खातों में पहुंचे 11.10 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री ने किया डीबीटी हस्तांतरण

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लखीसराय जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 96,219 लाभार्थियों के बैंक खातों में 11 करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी गई। समाहरणालय में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया।

लखीसराय/आलम की खबर:लखीसराय जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से जुड़े हजारों लाभार्थियों के लिए मंगलवार का दिन राहत और भरोसे का संदेश लेकर आया। राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं के अंतर्गत जिले के 96 हजार से अधिक लाभार्थियों के बैंक खातों में 11 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से भेजी गई, जिससे लाभार्थियों को बिना किसी बिचौलिये के आर्थिक सहायता उपलब्ध हो सके।

इस अवसर पर लखीसराय समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में राज्य स्तर पर आयोजित पेंशन हस्तांतरण समारोह का सीधा प्रसारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देखा गया। कार्यक्रम में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के महत्व पर चर्चा की।

वृद्धजनों को मिली सबसे बड़ी सहायता

जिले में सबसे अधिक लाभ मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के लाभार्थियों को मिला। इस योजना के तहत हजारों बुजुर्गों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये की सहायता राशि भेजी गई। वृद्धावस्था में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को नियमित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के बुजुर्गों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन चुकी है।

जिला प्रशासन के अनुसार बड़ी संख्या में ऐसे लाभार्थी हैं जिनकी आजीविका का प्रमुख आधार यही पेंशन राशि है। समय पर भुगतान होने से उनकी दैनिक जरूरतों की पूर्ति में मदद मिलती है।

राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना से भी हजारों लाभान्वित

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत भी जिले के हजारों पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इस योजना का उद्देश्य ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को सहयोग देना है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और नियमित आय के स्रोत से वंचित हैं।

सरकार द्वारा प्रत्येक माह दी जाने वाली सहायता राशि बुजुर्गों के लिए दवा, भोजन और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित होती है। जिला प्रशासन ने कहा कि पात्र लोगों को योजना का लाभ सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

विधवा महिलाओं के लिए आर्थिक संबल

सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के अंतर्गत विधवा महिलाओं को भी बड़ी संख्या में लाभ मिला। लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के माध्यम से हजारों महिलाओं के खातों में सहायता राशि भेजी गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजनाएं उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं जिनके सामने परिवार चलाने की चुनौती होती है। नियमित पेंशन मिलने से उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में सहायता मिलती है और जीवन की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में सहयोग प्राप्त होता है।

दिव्यांगजनों के खातों में भी पहुंची सहायता राशि

राज्य सरकार द्वारा संचालित बिहार निःशक्तता पेंशन योजना और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तता पेंशन योजना के अंतर्गत भी बड़ी संख्या में दिव्यांग लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई। डीबीटी प्रणाली के जरिए राशि सीधे बैंक खातों में भेजे जाने से पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।

दिव्यांगजनों के लिए यह आर्थिक सहायता उनके दैनिक जीवन, स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं और अन्य खर्चों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रशासन ने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

कुल 96,219 लाभार्थियों को मिला लाभ

जिले में संचालित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत कुल 96,219 लाभार्थियों के बैंक खातों में 11 करोड़ 10 लाख 69 हजार 300 रुपये की राशि हस्तांतरित की गई। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह भुगतान पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है, जिससे लाभार्थियों को समय पर राशि प्राप्त हो सके।

डीबीटी व्यवस्था लागू होने के बाद भुगतान प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और प्रभावी हुई है। इससे लाभार्थियों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता भी कम हुई है।

जिला पदाधिकारी ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश

कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाएं समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करती हैं। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना के लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि नए पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया को तेज किया जाए। साथ ही सभी आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

कल्याणकारी योजनाओं को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर

बैठक में अधिकारियों ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की। इस दौरान यह भी कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा। सरकार की मंशा है कि वृद्ध, विधवा, दिव्यांग और अन्य जरूरतमंद नागरिकों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता नियमित रूप से मिलती रहे।

कार्यक्रम के अंत में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक स्तर पर समन्वित प्रयास जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।

कार्यक्रम में रहे मौजूद

समाहरणालय में आयोजित कार्यक्रम में जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के अधिकारी, आईसीडीएस विभाग के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।

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