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खगड़िया में वज्रपात का कहर: 5 लोगों की मौत, पिता-पुत्र समेत कई घायल, गांवों में मातम

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खगड़िया जिले में वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई। पिता-पुत्र समेत कई लोग घायल हुए, प्रशासन ने मौसम को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की है।

खगड़िया/आलम की खबर:बिहार में मानसून के सक्रिय दौर के बीच वज्रपात की घटनाएं लगातार जानलेवा साबित हो रही हैं। खगड़िया जिले में गुरुवार को हुई अलग-अलग घटनाओं ने पूरे इलाके को दहशत और शोक में डुबो दिया। चौथम और बेलदौर प्रखंड में ठनका गिरने की घटनाओं में कुल पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। अचानक हुए इस हादसे ने ग्रामीण जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।

पहली घटना चौथम प्रखंड के पौरा थाना क्षेत्र अंतर्गत कन्हौली बहियार में हुई, जहां सुबह खेत में काम कर रहे लोगों पर अचानक आसमान से बिजली गिर पड़ी। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में 62 वर्षीय विद्यानंद यादव, उनके 26 वर्षीय पुत्र आशुतोष यादव और 10 वर्षीय पोता अंकेश कुमार शामिल हैं। एक साथ तीन पीढ़ियों की मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

इस घटना में चार अन्य लोग भी झुलस गए, जिनमें विमल यादव और सुशील कुमार शामिल हैं। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार दो लोगों का इलाज चौथम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है, जबकि दो को बेहतर इलाज के लिए खगड़िया सदर अस्पताल रेफर किया गया है। सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि यह एक प्राकृतिक आपदा की घटना है, हालांकि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

दूसरी बड़ी घटना बेलदौर प्रखंड क्षेत्र में हुई, जहां अलग-अलग स्थानों पर वज्रपात की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। पहली घटना इतमादी सरस्वती नगर वार्ड संख्या 7 स्थित लबघड़िया गांव में हुई, जहां एक ही परिवार के पांच लोग ठनका गिरने से प्रभावित हुए। इस हादसे में 35 वर्षीय जवाहर शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई।

इस घटना में शंभू शर्मा, बेलो शर्मा, रुक्मणी देवी और रेखा देवी गंभीर रूप से झुलस गए। इनमें रेखा देवी की हालत नाजुक बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है। परिवार और गांव के लोग इस घटना से सदमे में हैं।

इसके अलावा बेलदौर थाना क्षेत्र के नागपुर गांव में 18 वर्षीय मणि लाल कुमार की वज्रपात से मौत हो गई। अचानक हुई इस घटना से आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

इसी दौरान इतमादी पंचायत के भोरबथना गांव में वज्रपात की चपेट में आने से एक दुधारू गाय की भी मौत हो गई, जिससे ग्रामीण परिवारों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में डर और असुरक्षा का माहौल बना दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि मौसम बदलते ही अब डर का माहौल बन जाता है और लोग खेतों में काम करने से भी बचने लगे हैं। कई परिवार अब आकाशीय बिजली के डर से समय से पहले घर लौटने लगे हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले खेतों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में वज्रपात और आंधी-तूफान की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।

खगड़िया में हुई यह वज्रपात की घटनाएं एक बार फिर यह साबित करती हैं कि प्राकृतिक आपदाएं कितनी विनाशकारी हो सकती हैं। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत जैसी घटनाएं केवल आंकड़े नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गहरी पीड़ा का कारण हैं।

बिहार जैसे राज्य में, जहां बड़ी आबादी कृषि कार्यों पर निर्भर है, वहां वज्रपात का खतरा हर साल गंभीर रूप लेता है। खेतों में काम करने वाले लोग अक्सर मौसम के अचानक बदलाव की चपेट में आ जाते हैं।

इस स्थिति में जरूरी है कि मौसम की जानकारी गांव स्तर तक पहुंचाई जाए और लोगों को जागरूक किया जाए कि वज्रपात के दौरान किन स्थानों से बचना चाहिए। प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक संगठनों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

अगर समय रहते जागरूकता और सुरक्षा उपायों पर ध्यान दिया जाए तो ऐसी दर्दनाक घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

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