:
Breaking News

बिहार में भूमि और राजस्व व्यवस्था में बड़ा बदलाव, दाखिल-खारिज रद होने की होगी जांच; हर जिले में बनेगा विशेष सेल

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

बिहार सरकार ने भूमि अधिग्रहण, दाखिल-खारिज, परिमार्जन और राजस्व सेवाओं को तेज व पारदर्शी बनाने के लिए हर जिले में विशेष सेल बनाने का निर्देश दिया है।

पटना/आलम की खबर:बिहार में भूमि से जुड़े मामलों और राजस्व सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए राज्य सरकार ने नई कार्ययोजना तैयार की है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अब जिलों में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। इसके तहत दाखिल-खारिज और परिमार्जन जैसे महत्वपूर्ण आवेदनों की गहन समीक्षा की जाएगी, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके।

सरकार का उद्देश्य है कि जमीन से जुड़े मामलों का निष्पादन तेजी से हो और ऑनलाइन सेवाओं में आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। इसके लिए प्रत्येक जिले में विशेष सेल बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है, जो राजस्व विभाग के कामकाज की निगरानी करेगा।

रद किए गए आवेदनों की होगी जांच

राजस्व विभाग द्वारा तैयार की जा रही नई व्यवस्था के तहत दाखिल-खारिज और परिमार्जन के वैसे आवेदनों की जांच की जाएगी, जिन्हें किसी कारण से अस्वीकृत कर दिया गया है।

विशेष सेल यह पता लगाएगा कि आवेदन रद करने का कारण नियमों के अनुरूप था या नहीं। विभाग यह भी देखेगा कि कहीं किसी आवेदक को गलत तरीके से परेशान तो नहीं किया गया या किसी गलत उद्देश्य से आवेदन को लंबित अथवा रद तो नहीं किया गया।

अधिकारियों के अनुसार इस व्यवस्था से राजस्व कर्मियों की जवाबदेही बढ़ेगी और आम लोगों को जमीन संबंधी सेवाओं में अधिक सुविधा मिलेगी।

हर जिले में बनेगी तकनीकी टीम

राजस्व सेवाओं को डिजिटल माध्यम से मजबूत करने के लिए प्रत्येक जिले में तकनीकी टीम गठित करने का निर्देश दिया गया है। यह टीम ऑनलाइन सेवाओं में आने वाली तकनीकी परेशानियों को दूर करने का काम करेगी।

विभाग की मुख्यालय स्तर की आईटी टीम के साथ जिला तकनीकी टीम लगातार समन्वय बनाकर काम करेगी। इससे ऑनलाइन आवेदन, रिकॉर्ड अपडेट और अन्य डिजिटल प्रक्रियाओं में आने वाली समस्याओं का समाधान तेजी से किया जा सकेगा।

सरकार का मानना है कि वर्तमान समय में जमीन से जुड़ी अधिकांश सेवाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, इसलिए तकनीकी व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है।

डिजिटल मोड में काम करेगा राजस्व विभाग

राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि विभाग पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था के अनुसार काम करे। उन्होंने कहा कि लोगों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि रिकॉर्ड सुधार और अन्य राजस्व कार्यों का निष्पादन तय समय सीमा के अंदर किया जाए।

सरकार की कोशिश है कि जमीन से जुड़े छोटे-छोटे कामों के लिए लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें और ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से उन्हें सुविधा मिल सके।

जिलों के कामकाज की हो रही समीक्षा

राजस्व विभाग लगातार जिलों के प्रदर्शन की समीक्षा कर रहा है। इसी क्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अररिया, लखीसराय और जमुई जिलों के राजस्व कार्यों की अंतिम समीक्षा की गई।

बैठक में अधिकारियों से लंबित मामलों, ऑनलाइन सेवाओं की स्थिति और जमीन संबंधी समस्याओं के समाधान को लेकर जानकारी ली गई। विभागीय अधिकारियों ने जिलों को कामकाज में सुधार लाने और लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए।

राजस्व अदालतों के आदेशों पर भी नजर

राजस्व विभाग अब राजस्व न्यायालयों के आदेशों को लागू कराने के लिए भी विशेष व्यवस्था तैयार कर रहा है। इसके तहत प्रत्येक जिले में वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष सेल बनाया जाएगा।

यह सेल यह सुनिश्चित करेगा कि राजस्व अदालतों द्वारा दिए गए आदेशों का समय पर पालन हो। कई बार आदेश जारी होने के बाद भी जमीन संबंधी मामलों में कार्रवाई लंबित रहती है, जिससे लोगों को परेशानी होती है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे मामलों की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तेज करने की तैयारी

सरकार भूमि अधिग्रहण और औद्योगिक विकास से जुड़े कार्यों को भी गति देना चाहती है। इसके लिए राजस्व व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

भूमि उपलब्धता, रिकॉर्ड की शुद्धता और प्रशासनिक प्रक्रिया में तेजी आने से विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।

औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए जमीन संबंधी प्रक्रियाओं का आसान और पारदर्शी होना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग स्तर पर लगातार सुधार किए जा रहे हैं।

अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी तय

राजस्व विभाग की नई व्यवस्था में अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। ऑनलाइन सेवाओं में देरी, अनावश्यक आवेदन लंबित रखने और गलत तरीके से आवेदन रद करने जैसी शिकायतों पर अब निगरानी बढ़ेगी।

सरकार का लक्ष्य है कि राजस्व विभाग की सेवाएं आम लोगों के लिए आसान और भरोसेमंद बनें।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ने और लोगों की समस्याओं के समाधान में तेजी आने की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें:

बिहार में जमीन और प्रशासन से जुड़ी अन्य खबरें पढ़ें: https://alamkikhabar.com⁠�

बिहार में जमीन से जुड़े मामलों की जटिलता लंबे समय से लोगों के लिए बड़ी समस्या रही है। दाखिल-खारिज, परिमार्जन और भूमि रिकॉर्ड सुधार जैसे कार्यों में देरी के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

राजस्व विभाग द्वारा विशेष सेल बनाने का फैसला व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अगर आवेदन रद होने के कारणों की नियमित जांच होती है तो गलत तरीके से काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर अंकुश लगेगा।

डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने से लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है। हालांकि तकनीकी व्यवस्था के साथ-साथ जमीनी स्तर पर कर्मचारियों की जवाबदेही भी जरूरी होगी।

भूमि अधिग्रहण और औद्योगिक विकास के लिए पारदर्शी भूमि व्यवस्था जरूरी है। सरकार की नई पहल तभी सफल होगी जब जिला स्तर पर अधिकारी समय सीमा का पालन करें और आम लोगों की शिकायतों का गंभीरता से समाधान करें।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *