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समस्तीपुर जंक्शन पर वेंडर्स को मिला फायर सेफ्टी प्रशिक्षण, यात्रियों की सुरक्षा को लेकर IRCTC की बड़ी पहल

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समस्तीपुर जंक्शन पर IRCTC के निर्देश पर वेंडर्स को फायर सेफ्टी ट्रेनिंग दी गई। KPS फायर इंस्टीट्यूट ने अग्निशामक यंत्र के उपयोग और आपातकालीन प्रबंधन की जानकारी दी।

समस्तीपुर/आलम की खबर:समस्तीपुर जंक्शन पर यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। भारतीय रेलवे की इकाई Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC) के निर्देश पर जंक्शन पर कार्यरत वेंडर्स और रेल कर्मियों को फायर सेफ्टी और आपातकालीन प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस पहल का उद्देश्य स्टेशन परिसर में किसी भी आपात स्थिति, विशेषकर आग लगने जैसी घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन समस्तीपुर जंक्शन स्थित एक प्रमुख भोजनालय में किया गया, जहां बड़ी संख्या में खानपान सेवाओं से जुड़े वेंडर्स, स्टॉल संचालक और रेलवे से जुड़े कर्मी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने आग से बचाव के आधुनिक तरीकों, प्राथमिक प्रतिक्रिया प्रक्रिया और सुरक्षित निकासी व्यवस्था पर विस्तार से जानकारी दी।

इस विशेष प्रशिक्षण का संचालन बेगूसराय स्थित KPS Fire Institute के विशेषज्ञों द्वारा किया गया। संस्थान के प्रशिक्षक शिवम चौबे ने वेंडर्स को आग की विभिन्न श्रेणियों और उसकी प्रकृति के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि हर प्रकार की आग के लिए अलग-अलग तकनीक और उपकरणों का उपयोग किया जाता है, इसलिए सही पहचान और त्वरित निर्णय जीवनरक्षक साबित हो सकता है।

प्रशिक्षण के दौरान सबसे अधिक ध्यान अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) के व्यावहारिक उपयोग पर दिया गया। वेंडर्स को मौके पर ही यह दिखाया गया कि आग लगने की स्थिति में किस प्रकार से अग्निशामक यंत्र को सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल किया जाए। उन्हें यह भी सिखाया गया कि कैसे छोटे स्तर पर लगी आग को शुरुआती मिनटों में नियंत्रित कर बड़े हादसे को रोका जा सकता है।

विशेषज्ञों ने बताया कि रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर छोटी सी लापरवाही भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है। इसलिए खानपान स्टॉलों पर कार्यरत हर कर्मचारी का फायर सेफ्टी प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है। इससे न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि आपात स्थिति में प्रतिक्रिया समय भी कम होगा।

इस कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने भी वेंडर्स को जागरूक करते हुए कहा कि स्टेशन पर सुरक्षा मानकों का पालन करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी बताया कि IRCTC द्वारा इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि सभी स्टॉल संचालक और कर्मचारी पूरी तरह से प्रशिक्षित रहें।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वेंडर्स ने भी इस प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी बताया। उनका कहना था कि पहले उन्हें आग से निपटने की जानकारी सीमित थी, लेकिन अब वे वास्तविक परिस्थितियों में सही कदम उठाने के लिए अधिक सक्षम महसूस कर रहे हैं। इससे उन्हें अपने कार्यस्थल पर भी अधिक आत्मविश्वास मिलेगा।

रेल प्रशासन का मानना है कि इस तरह की पहल से स्टेशन परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। विशेष रूप से समस्तीपुर जैसे व्यस्त जंक्शन पर, जहां प्रतिदिन हजारों यात्री आवागमन करते हैं, वहां इस प्रकार का प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि भविष्य में स्टेशन पर कार्यरत सभी वेंडर्स और कर्मचारियों के लिए फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र अनिवार्य किया जा सकता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि हर व्यक्ति आपात स्थिति में सही तरीके से प्रतिक्रिया देने में सक्षम हो।

स्थानीय यात्रियों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि स्टेशन पर सुरक्षा को लेकर इस तरह के कदम यात्रियों के भरोसे को और मजबूत करते हैं।

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समस्तीपुर जंक्शन पर फायर सेफ्टी प्रशिक्षण कार्यक्रम रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर आग जैसी आपात घटनाओं की संभावना हमेशा बनी रहती है, इसलिए समय-समय पर इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं।

इस पहल का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अब वेंडर्स और कर्मचारी आपात स्थिति में घबराने के बजाय सही तरीके से प्रतिक्रिया देना सीख रहे हैं। अग्निशामक यंत्र के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी किसी भी बड़े हादसे को रोकने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

हालांकि, केवल एक बार का प्रशिक्षण पर्याप्त नहीं है। इसे नियमित रूप से दोहराया जाना चाहिए ताकि सभी कर्मचारी हमेशा तैयार रहें। इसके साथ ही स्टेशन पर सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच और अपडेट भी जरूरी है।

यदि इस तरह की पहल लगातार जारी रहती है, तो समस्तीपुर जंक्शन जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर दुर्घटनाओं की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है और यात्रियों को अधिक सुरक्षित यात्रा अनुभव मिल सकता है।

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