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लखीसराय में जल संरक्षण और स्वच्छता योजनाओं की समीक्षा, डीएम शैलेन्द्र कुमार ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

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लखीसराय में जिला गंगा समिति और जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में डीएम शैलेन्द्र कुमार ने जल संरक्षण, नल-जल योजना, कचरा प्रबंधन और स्वच्छता अभियान की समीक्षा की। अधिकारियों को प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।

लखीसराय/आलम की खबर: लखीसराय जिले में जल संरक्षण, स्वच्छता व्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता को लेकर प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। जिला पदाधिकारी श्री शैलेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में जिला गंगा समिति एवं जिला जल एवं स्वच्छता समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रही विभिन्न जल एवं स्वच्छता योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को योजनाओं को धरातल पर बेहतर तरीके से लागू करने के निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना की वास्तविक स्थिति की जांच कराने का निर्णय लिया। जिला पदाधिकारी ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल लखीसराय के कार्यपालक अभियंता एवं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को जिले के सात प्रखंडों की 76 पंचायतों में संचालित नल-जल व्यवस्था की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिले के कुल 1066 वार्डों में नल-जल योजना की स्थिति का आकलन किया जाएगा। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि कितने क्षेत्रों में पेयजल की सुविधा नियमित रूप से उपलब्ध है, कहां तकनीकी समस्या है और किन स्थानों पर सुधार की आवश्यकता है। जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ग्रामीण जनता को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

बैठक में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की ओर से जिले में स्थापित चापाकलों की स्थिति से संबंधित रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। इसमें कुल चापाकलों की संख्या, चालू स्थिति, खराब चापाकलों और उनकी मरम्मत की स्थिति की जानकारी दी गई। डीएम ने निर्देश दिया कि खराब पड़े जल स्रोतों की पहचान कर जल्द से जल्द उनकी मरम्मत सुनिश्चित की जाए ताकि गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़े।

जिला पदाधिकारी ने जिले के 32 जनजातीय गांवों में जल उपलब्धता की स्थिति का सर्वेक्षण कराने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी जरूरतमंद क्षेत्रों में जल सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी जरूरी है। संबंधित विभाग को सर्वेक्षण पूरा कर उसकी रिपोर्ट प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा गया।

बैठक में गंगा नदी एवं अन्य जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर भी चर्चा की गई। जिला गंगा समिति के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखने, लोगों में जागरूकता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को गति देने का निर्देश दिया।

इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत जिले में संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, सामुदायिक स्वच्छता परिसर, स्वच्छ ग्राम निर्माण, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन और घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था पर विशेष चर्चा हुई।

जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांवों में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका नियमित संचालन और निगरानी भी आवश्यक है। उन्होंने स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण, डोर-टू-डोर कचरा उठाव और अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों के बेहतर संचालन पर विशेष जोर दिया।

बैठक के दौरान डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों से कहा कि स्वच्छता और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि आम लोगों की भागीदारी के बिना स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण का निर्माण संभव नहीं है। इसके लिए पंचायत स्तर पर जागरूकता गतिविधियों को भी प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।

समीक्षा बैठक में कार्यों में लापरवाही को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख भी अपनाया। जिला पदाधिकारी ने लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान से जुड़े सभी प्रखंड समन्वयकों और प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-स्वच्छता पदाधिकारियों के कार्यों में अपेक्षित गति नहीं होने के कारण जून माह का मानदेय स्थगित करने का निर्देश दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में जिले में चल रहे जल संरक्षण अभियान, गंगा स्वच्छता कार्यक्रम और ग्रामीण स्वच्छता योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग पर भी बल दिया गया। सभी प्रखंडों को निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और प्रगति रिपोर्ट लगातार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

बैठक में अपर समाहर्ता श्री नीरज कुमार, उप विकास आयुक्त-सह-उपाध्यक्ष जिला जल एवं स्वच्छता समिति लखीसराय, निदेशक डीआरडीए, लेखा प्रशासन पदाधिकारी-सह-सदस्य सचिव श्री नीरज कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री रवि कुमार, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस श्रीमती वंदना पाण्डेय सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड समन्वयक, स्वच्छता पर्यवेक्षक एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

बैठक का समापन जिले को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के संकल्प के साथ हुआ। जिला प्रशासन ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में जल आपूर्ति, स्वच्छता व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाओं की निगरानी और तेज की जाएगी।

यह भी पढ़ें: • लखीसराय में प्रशासनिक योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा से जुड़ी अन्य खबरें: alamkikhabar.com • बिहार में स्वच्छता अभियान और ग्रामीण विकास योजनाओं की ताजा खबरें: alamkikhabar.com

लखीसराय जिले में जल संरक्षण और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन की सक्रियता यह संकेत देती है कि आने वाले समय में ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला गंगा समिति और जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में जिस तरह नल-जल योजना, चापाकल, कचरा प्रबंधन और गंगा संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की गई, उससे स्पष्ट है कि प्रशासन केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रहना चाहता बल्कि उनके वास्तविक प्रभाव की जांच भी करना चाहता है।

1066 वार्डों में नल-जल व्यवस्था की जांच का निर्णय ग्रामीण इलाकों में पेयजल सुविधा की वास्तविक स्थिति सामने लाने में मदद करेगा। वहीं 32 जनजातीय गांवों में जल उपलब्धता का सर्वेक्षण यह सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है कि जरूरतमंद क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे।

स्वच्छता अभियान की सफलता के लिए कचरा प्रबंधन और आम लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी है। प्रशासन द्वारा अधिकारियों को नियमित निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश देना व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में अहम कदम है।

हालांकि योजनाओं की सफलता तभी संभव होगी जब पंचायत स्तर पर लगातार निगरानी हो और स्थानीय लोग भी इसमें सहयोग करें। स्वच्छ जल और स्वच्छ वातावरण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक आवश्यकता है।

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