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दिन में कबाड़ी, रात में डकैत: पटना पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश

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पटना पुलिस ने ऐसे शातिर गिरोह का खुलासा किया है जो दिन में कचरा बीनने के बहाने घरों की रेकी करता था और रात में चोरी, लूट व डकैती की वारदातों को अंजाम देता था। 14 अपराधी गिरफ्तार।

पटना/आलम की खबर:पटना में अपराधियों ने लोगों के भरोसे का फायदा उठाकर वारदातों को अंजाम देने का एक नया तरीका अपनाया था। दिन के उजाले में कंधे पर बोरा लेकर गलियों में घूमने वाले लोग आम लोगों को कचरा और कबाड़ बीनने वाले मजदूर नजर आते थे, लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि इसी पहचान की आड़ में एक शातिर गिरोह घरों और इलाकों की रेकी करता था। रात होते ही यही लोग हथियारों से लैस होकर चोरी, लूट और डकैती जैसी घटनाओं को अंजाम देते थे।

पटना पुलिस ने ऐसे ही एक अंतरराज्यीय अपराधी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 14 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से बिहार के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय था और वारदात से पहले इलाके की पूरी जानकारी जुटाता था। गिरोह के सदस्य दिन में सामान्य लोगों की तरह घूमते थे ताकि किसी को उन पर शक न हो।

बिहटा दवा व्यवसायी डकैती कांड की जांच में मिली सफलता

इस पूरे मामले का खुलासा बिहटा थाना क्षेत्र में हुई चर्चित दवा व्यवसायी डकैती कांड की जांच के दौरान हुआ। पुलिस लगातार इस घटना में शामिल अपराधियों की तलाश कर रही थी। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस टीम ने इस गिरोह तक पहुंच बनाई।

दानापुर डीएसपी-2 अमरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए पाली हॉल्ट के आसपास छापेमारी की और गिरोह के 14 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अपराधियों की पहचान बिहार के अलावा कई अन्य राज्यों से जुड़ी हुई है। इनमें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और झारखंड के रहने वाले लोग शामिल बताए जा रहे हैं।

कबाड़ बीनने की आड़ में करते थे इलाके की निगरानी

पुलिस जांच में सामने आया कि इस गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी। गिरोह के सदस्य दिन में कंधे पर बोरा लेकर मोहल्लों और कॉलोनियों में घूमते थे। इस दौरान वे घरों की स्थिति, आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाते थे।

आम लोग उन्हें गरीब कबाड़ी या मजदूर समझकर नजरअंदाज कर देते थे। इसी का फायदा उठाकर अपराधी घरों की रेकी पूरी कर लेते थे। इसके बाद मौका देखकर रात के समय उसी इलाके में पहुंचकर चोरी, लूट या डकैती की घटना को अंजाम देते थे।

पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद गिरोह के सदस्य इलाके से निकल जाते थे और कई बार ट्रेन के माध्यम से दूसरे स्थानों पर चले जाते थे, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता था।

आरा में टेंट लगाकर बनाया था ठिकाना

जांच में यह बात भी सामने आई है कि गिरोह के कई सदस्य भोजपुर जिले के आरा स्थित रमना मैदान के आसपास टेंट लगाकर रहते थे। यहीं से वे आसपास के जिलों में अपराध की योजना बनाते थे।

पुलिस का कहना है कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग इलाकों में जाकर पहले स्थिति की जानकारी लेते थे और फिर मौका देखकर वारदात करते थे। उनके काम करने का तरीका इतना सामान्य दिखता था कि आसपास के लोगों को लंबे समय तक उनकी गतिविधियों पर शक नहीं हुआ।

हथियार और अपराध में इस्तेमाल होने वाले सामान बरामद

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से हथियार और कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार उनके पास से दो देसी कट्टा, कई जिंदा कारतूस, चार गुलेल और घरों में घुसने तथा दरवाजा तोड़ने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण मिले हैं।

बरामद सामान के आधार पर पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह कई बड़ी वारदातों में शामिल रहा है। अब पुलिस गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ कर उनके पुराने रिकॉर्ड और अन्य घटनाओं से कनेक्शन की जांच कर रही है।

बिहटा के दवा एजेंसी मालिक के घर डकैती में भूमिका

पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार गिरोह के सदस्य बिहटा के केसरी दवा एजेंसी मालिक के घर हुई डकैती की घटना में भी शामिल थे। इस घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई शुरू की थी।

जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने बिहार के किन-किन जिलों में वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान कई पुराने मामलों का खुलासा हो सकता है।

कई जिलों में दर्ज हैं मामले

पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार अपराधियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। शुरुआती जांच में पता चला है कि इनके खिलाफ बिहार के कई थानों में चोरी, लूट और डकैती जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।

पुलिस अब इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में कितने और लोग शामिल हैं और इनके द्वारा अब तक कितनी घटनाओं को अंजाम दिया गया है।

पुलिस की कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप

पटना पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में सक्रिय अपराधियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और किसी भी संगठित गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा।

इस मामले में गिरफ्तार अपराधियों से आगे की पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के आधार पर चोरी, लूट और डकैती की कई अन्य घटनाओं से पर्दा उठ सकता है।

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पटना में पकड़े गए इस गिरोह ने अपराध करने का जो तरीका अपनाया, वह आम लोगों के भरोसे को निशाना बनाने वाला है। अपराधी अक्सर नई रणनीति अपनाकर पुलिस और लोगों को भ्रमित करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

पुलिस की सतर्कता और जांच के कारण इस गिरोह का खुलासा हुआ है। संगठित अपराध पर रोक लगाने के लिए पुलिस और आम लोगों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।

सुरक्षा के प्रति जागरूकता और समय पर सूचना देना अपराध नियंत्रण में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

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