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22 साल की उम्र में IAS बनने वाली अनन्या सिंह को मिली बिहार जीविका की कमान, जानिए संघर्ष से सफलता तक की कहानी

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2019 बैच की IAS अधिकारी अनन्या सिंह को बिहार जीविका का अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया गया है। प्रयागराज की रहने वाली अनन्या ने 22 साल की उम्र में UPSC में 51वीं रैंक हासिल की थी।

पटना/आलम की खबर:बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी ग्रामीण विकास कार्यक्रम जीविका को नई अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Additional CEO) मिल गई हैं। 2019 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी अनन्या सिंह ने जीविका के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद की जिम्मेदारी संभाल ली है। अपनी प्रशासनिक क्षमता, कम उम्र में हासिल की गई बड़ी सफलता और मेहनत के दम पर पहचान बनाने वाली IAS अनन्या सिंह की नई जिम्मेदारी के बाद उन्हें लगातार शुभकामनाएं मिल रही हैं।

जीविका की ओर से भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी साझा करते हुए IAS अनन्या सिंह का स्वागत किया गया। जीविका परिवार ने उन्हें नई जिम्मेदारी संभालने पर बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता से संस्था के कामों को और मजबूती मिलेगी।

अनन्या सिंह की पहचान केवल एक अधिकारी के रूप में नहीं बल्कि एक ऐसी युवा प्रतिभा के रूप में है, जिन्होंने बेहद कम उम्र में देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शामिल UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर इतिहास बनाया। महज 22 वर्ष की उम्र में उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई थी।

प्रयागराज से शुरू हुआ सफलता का सफर

IAS अनन्या सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली हैं। बचपन से ही पढ़ाई में तेज रहने वाली अनन्या ने अपनी शुरुआती शिक्षा प्रयागराज के सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल से पूरी की। स्कूल के दिनों से ही उनका प्रदर्शन शानदार रहा और उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

उन्होंने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 96 प्रतिशत अंक हासिल किए थे, जबकि 12वीं में 98.25 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। दोनों ही कक्षाओं में उन्होंने CISCE बोर्ड के तहत प्रयागराज जिले में टॉप किया था। पढ़ाई के प्रति उनकी लगन और लक्ष्य को लेकर स्पष्ट सोच ने आगे चलकर उन्हें बड़ी सफलता दिलाई।

स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद अनन्या सिंह ने दिल्ली के प्रतिष्ठित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से अर्थशास्त्र में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज के दौरान ही उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने का अपना लक्ष्य तय कर लिया था और इसी दिशा में तैयारी शुरू कर दी थी।

अंतिम वर्ष में शुरू की UPSC की तैयारी

अनन्या सिंह ने स्नातक के अंतिम वर्ष में UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। उनके सामने चुनौती बड़ी थी, क्योंकि UPSC देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाती है, लेकिन उन्होंने एक तय रणनीति के साथ तैयारी को आगे बढ़ाया।

उन्होंने पाठ्यक्रम को समझकर विषयों का चयन किया और नियमित अध्ययन पर ध्यान दिया। तैयारी के दौरान उन्होंने खुद के नोट्स तैयार किए, जिससे परीक्षा के समय रिवीजन करने में काफी मदद मिली।

अनन्या सिंह के अनुसार, UPSC की तैयारी में केवल ज्यादा घंटे पढ़ना ही सफलता की गारंटी नहीं है, बल्कि सही दिशा में लगातार मेहनत करना सबसे जरूरी होता है। उन्होंने शुरुआती दौर में प्रतिदिन करीब 7 से 8 घंटे पढ़ाई की और तैयारी मजबूत होने के बाद अपनी पढ़ाई को और व्यवस्थित किया।

पहले प्रयास में UPSC में हासिल की 51वीं रैंक

साल 2019 में अनन्या सिंह ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में हिस्सा लिया और अपने पहले ही प्रयास में शानदार सफलता हासिल की। उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 51वीं रैंक प्राप्त कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई।

महज 22 साल की उम्र में IAS अधिकारी बनने वाली अनन्या सिंह की सफलता ने देशभर में चर्चा बटोरी। उनकी कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बनी, जो सिविल सेवा में जाने का सपना देखते हैं।

उनकी सफलता के पीछे अनुशासन, मेहनत और लक्ष्य के प्रति पूरी ईमानदारी रही। उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ परीक्षा की रणनीति पर भी विशेष ध्यान दिया और इसी वजह से पहले प्रयास में ही बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकीं।

बिहार जीविका में निभाएंगी महत्वपूर्ण भूमिका

अब IAS अनन्या सिंह को बिहार जीविका की अतिरिक्त CEO की जिम्मेदारी मिली है। जीविका बिहार सरकार का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का काम किया जाता है।

जीविका के जरिए लाखों ग्रामीण परिवारों को रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा गया है। ऐसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में IAS अनन्या सिंह की भूमिका काफी अहम मानी जा रही है।

प्रशासनिक अनुभव और युवा सोच के साथ वह जीविका के कामों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक क्षेत्र में एक नई जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है।

सोशल मीडिया पर भी लोकप्रिय हैं IAS अनन्या सिंह

IAS अनन्या सिंह सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती हैं। उनकी सफलता और प्रशासनिक यात्रा से जुड़े पोस्ट युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। बड़ी संख्या में युवा उन्हें फॉलो करते हैं और उनकी मेहनत से प्रेरणा लेते हैं।

उनकी निजी जिंदगी की बात करें तो अप्रैल 2024 में उन्होंने IAS अधिकारी कुमार अनुराग से शादी की। कुमार अनुराग ने भी UPSC परीक्षा में सफलता हासिल की थी।

IAS अनन्या सिंह की कहानी बताती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो कम उम्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। अब बिहार में नई जिम्मेदारी के साथ उनसे बेहतर प्रशासन और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में योगदान की उम्मीद की जा रही है।

IAS अनन्या सिंह की सफलता की कहानी केवल एक परीक्षा में जीत की कहानी नहीं है, बल्कि लक्ष्य के प्रति समर्पण और मेहनत की मिसाल है। छोटी उम्र में UPSC जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर उन्होंने साबित किया कि सही योजना और लगातार प्रयास से बड़े लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।

बिहार जीविका जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम की जिम्मेदारी मिलना उनके लिए एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती भी है। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में जीविका की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। ऐसे में एक युवा और ऊर्जावान अधिकारी के रूप में अनन्या सिंह से बेहतर कार्य की उम्मीद की जा रही है।

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