:
Breaking News

Patna Purnea Expressway: बिहार के पहले एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे की तैयारी तेज, विकास के साथ मुआवजे की मांग भी उठी

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे बिहार के सीमांचल क्षेत्र के विकास की नई राह खोलने जा रहा है। 282 किलोमीटर की दूरी घटकर करीब 3 घंटे में पूरी होगी, लेकिन जमीन अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर किसानों की चिंता बढ़ी है।

पूर्णिया/आलम की खबर:बिहार के सीमांचल क्षेत्र के लिए बहुप्रतीक्षित पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे परियोजना अब धीरे-धीरे धरातल पर आकार लेने लगी है। राज्य की सबसे बड़ी सड़क परियोजनाओं में शामिल इस एक्सप्रेसवे को सिर्फ यातायात सुविधा के तौर पर नहीं देखा जा रहा है, बल्कि इसे सीमांचल के आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार और सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।

इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद पटना और पूर्णिया के बीच सफर काफी आसान हो जाएगा। वर्तमान समय में पूर्णिया से पटना पहुंचने में लंबा समय लगता है, लेकिन एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह दूरी करीब तीन घंटे में तय की जा सकेगी। इससे आम यात्रियों के साथ-साथ व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे बिहार का पहला पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे होगा। इस पर वाहनों की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक रखने की योजना है। परियोजना के तहत बेहतर कनेक्टिविटी की व्यवस्था की जाएगी, जिससे आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।

सीमांचल के लिए यह परियोजना इसलिए भी खास है क्योंकि यह क्षेत्र नेपाल और बांग्लादेश की सीमा के करीब स्थित है। ऐसे में इस सड़क मार्ग का महत्व केवल विकास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सामरिक और सुरक्षा के लिहाज से भी इसे अहम माना जा रहा है।

परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अधिकारियों की ओर से बताया गया है कि जमीन सर्वे और संबंधित जांच का काम आगे बढ़ रहा है। अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।

हालांकि विकास की इस बड़ी परियोजना के बीच जमीन देने वाले किसानों और रैयतों की चिंता भी सामने आई है। कई ग्रामीणों का कहना है कि एक्सप्रेसवे के लिए ली जा रही जमीन का मुआवजा मौजूदा बाजार मूल्य के हिसाब से तय होना चाहिए। उनका कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में जमीन की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन मुआवजा पुराने मूल्यांकन के आधार पर तय किया जा रहा है।

रैयतों का कहना है कि सड़क परियोजना से क्षेत्र का विकास होना अच्छी बात है, लेकिन जिन लोगों की जमीन जा रही है, उनके हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। किसानों की मांग है कि उन्हें ऐसा मुआवजा मिले जिससे वे अपनी जमीन खोने के बाद आर्थिक परेशानी में न आएं।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से इस परियोजना को लेकर लगातार काम किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार जमीन अधिग्रहण से जुड़े प्रारंभिक चरण पूरे किए जा रहे हैं। सर्वे, जांच और अन्य प्रक्रियाओं के बाद मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे से बिहार के कई जिलों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी और नए उद्योगों के आने की संभावना भी मजबूत होगी। खासकर पूर्णिया और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

सरकार की योजना है कि इस परियोजना के जरिए सीमांचल को राज्य के प्रमुख आर्थिक केंद्रों से बेहतर तरीके से जोड़ा जाए। पूर्णिया एयरपोर्ट के विकास और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के साथ इस क्षेत्र में भविष्य में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

जानकारों का मानना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क किसी भी क्षेत्र के विकास की सबसे बड़ी जरूरत होती है। पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे बनने के बाद सीमांचल के लोगों को तेज और सुरक्षित यातायात सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही कृषि उत्पादों, छोटे कारोबार और स्थानीय उद्योगों को भी बड़ा बाजार मिल सकता है।

वर्तमान में पूर्णिया से पटना जाने के लिए लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। कई मार्गों से यात्रा करने में अधिक समय लगता है, लेकिन नई एक्सप्रेसवे परियोजना इस दूरी और समय दोनों को काफी कम कर देगी।

इस परियोजना को लेकर लोगों में उत्साह भी है और जमीन अधिग्रहण को लेकर चिंता भी। ऐसे में सरकार और प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती विकास कार्य को आगे बढ़ाने के साथ-साथ प्रभावित किसानों को संतोषजनक मुआवजा उपलब्ध कराना होगी।

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे आने वाले वर्षों में बिहार के सड़क नेटवर्क की तस्वीर बदल सकता है। अगर परियोजना तय समय पर पूरी होती है तो यह सीमांचल के लिए विकास की नई शुरुआत साबित हो सकती है।

यह भी पढ़ें:

बिहार की बड़ी विकास परियोजनाओं से जुड़ी

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे बिहार के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सड़क बनने से केवल यात्रा आसान नहीं होगी, बल्कि व्यापार, रोजगार और उद्योग के नए अवसर भी खुलेंगे। सीमांचल जैसे क्षेत्र के लिए यह परियोजना लंबे समय से जरूरी थी।

लेकिन विकास तभी पूरी तरह सफल माना जाएगा, जब इससे प्रभावित लोगों के हितों का भी ध्यान रखा जाए। जिन किसानों की जमीन इस परियोजना में जा रही है, उन्हें उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास मिलना जरूरी है। विकास और जनहित के बीच संतुलन बनाना इस परियोजना की सबसे बड़ी सफलता होगी।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *