:
Breaking News

बिहार में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, ई-चालान बकाया रहने पर ब्लैकलिस्ट होगी गाड़ी की RC, पटना में 35 हजार वाहन कार्रवाई की जद में

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

बिहार में लंबित ई-चालान जमा नहीं करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त कदम उठाया है। पटना में 35 हजार वाहनों की आरसी ब्लैकलिस्ट की गई है, सड़क पर मिलने पर वाहन जब्त हो सकते हैं।

पटना/आलम की खबर:बिहार में अब ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करना वाहन चालकों के लिए भारी पड़ सकता है। लगातार ई-चालान जारी होने के बाद भी जुर्माने की राशि जमा नहीं करने वाले वाहन मालिकों पर परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने ऐसे वाहनों की पहचान कर उनकी आरसी यानी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को ब्लैकलिस्ट करना शुरू कर दिया है। इसका सीधा मतलब है कि अब ऐसे वाहन कानूनी जांच के दायरे में रहेंगे और सड़क पर पकड़े जाने पर उनके खिलाफ जब्ती जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

परिवहन विभाग की इस कार्रवाई के पीछे सबसे बड़ा कारण वर्षों से लंबित पड़े ई-चालान हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार राज्यभर में बड़ी संख्या में ऐसे वाहन हैं, जिनके मालिकों ने कई बार सूचना और चेतावनी मिलने के बावजूद चालान का भुगतान नहीं किया। ऐसे वाहन मालिकों को पहले मौका दिया गया, लेकिन भुगतान नहीं होने के बाद विभाग ने सख्त कदम उठाने का फैसला लिया।

राजधानी पटना में सबसे ज्यादा कार्रवाई देखने को मिल रही है। यहां अब तक करीब 35 हजार वाहनों की आरसी ब्लैकलिस्ट की जा चुकी है। इसके अलावा राज्य के अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में वाहनों पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। परिवहन विभाग की ओर से जिला स्तर पर सूची तैयार की जा रही है, जिसके आधार पर आगे और वाहनों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

विभाग के अधिकारियों के अनुसार कई वाहन ऐसे हैं, जिन पर लंबे समय से चालान लंबित हैं। कुछ वाहनों पर सात से आठ वर्ष पुराने ई-चालान भी बाकी हैं। वहीं कई वाहन मालिकों ने पांच या उससे अधिक चालान जमा नहीं किए हैं। लगातार नोटिस देने के बाद भी जब भुगतान नहीं हुआ तो विभाग ने उनकी आरसी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

पटना में ब्लैकलिस्ट हुए वाहनों में बड़ी संख्या दोपहिया वाहनों की है। आंकड़ों के अनुसार करीब 29 हजार दोपहिया वाहन इस कार्रवाई के दायरे में हैं। इन वाहनों पर हेलमेट नहीं पहनने, गलत दिशा में वाहन चलाने, रेड सिग्नल तोड़ने, तेज गति से वाहन चलाने और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन को लेकर ई-चालान काटे गए थे।

परिवहन विभाग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना भी है। विभाग का मानना है कि जब वाहन चालक नियमों का पालन करेंगे तो सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।

विभाग ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने लंबित ई-चालान की जानकारी लें और जल्द से जल्द उसका भुगतान करें। यदि किसी वाहन की आरसी ब्लैकलिस्ट हो चुकी है तो उसे हटाने के लिए भी नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

अधिकारियों ने साफ किया है कि ब्लैकलिस्ट किए गए वाहनों को सड़क पर चलाने की अनुमति नहीं होगी। जांच अभियान के दौरान ऐसे वाहन पकड़े जाने पर ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई कर सकते हैं।

डिजिटल व्यवस्था बढ़ने के बाद अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन छिपाना आसान नहीं है। कैमरों और ई-चालान व्यवस्था के माध्यम से नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान की जा रही है। ऐसे में वाहन चालकों को पहले की तुलना में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।

बिहार में लगातार बढ़ते वाहन दबाव और सड़क सुरक्षा को देखते हुए परिवहन विभाग आने वाले दिनों में ऐसे अभियान को और तेज कर सकता है। वाहन चालकों के लिए जरूरी है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी तरह के चालान को समय पर जमा करें।

यह भी पढ़ें:

• बिहार में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई से जुड़ी बड़ी खबरें

बिहार में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नियमों का पालन जरूरी है। ई-चालान व्यवस्था ने नियम तोड़ने वालों पर निगरानी आसान कर दी है। लंबे समय तक जुर्माना जमा नहीं करने वालों पर आरसी ब्लैकलिस्ट जैसी कार्रवाई यह संकेत देती है कि अब यातायात नियमों को लेकर प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है।

वाहन चालकों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए समय पर चालान जमा करना चाहिए और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए। इससे आर्थिक नुकसान से बचने के साथ-साथ दुर्घटनाओं को रोकने में भी मदद मिलेगी।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *