:
Breaking News

Supaul News: स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने की पहल, त्रिवेणीगंज समेत पांच सरकारी अस्पतालों में बदले प्रभारी अधिकारी

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

सुपौल जिले के पांच सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सिविल सर्जन डॉ बीएस झा ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों और उपाधीक्षकों की नई नियुक्ति की है।

सुपौल/आलम की खबर:सुपौल जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया है। जिले के कई प्रमुख सरकारी अस्पतालों में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और उपाधीक्षक के पदों पर नए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ बीएस झा ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए स्वास्थ्य संस्थानों की कमान नए अधिकारियों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि अस्पतालों में प्रशासनिक नेतृत्व मजबूत होने से मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार आएगा और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में तेजी आएगी। इसी उद्देश्य से जिले के विभिन्न अस्पतालों में वरीयता और विभागीय नियमों के आधार पर नए प्रभारी अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

जारी आदेश के अनुसार जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में बिहार स्वास्थ्य सेवा संवर्ग के वरीय चिकित्सा पदाधिकारियों को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रभारी उपाधीक्षक और निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (DDO) की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को विभागीय नियमों के तहत वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार भी प्रदान किए गए हैं, ताकि अस्पतालों का संचालन सुचारू रूप से किया जा सके।

पांच अस्पतालों में बदली जिम्मेदारी

स्वास्थ्य विभाग के इस निर्णय के तहत जिले के पांच महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थानों में अधिकारियों की जिम्मेदारी बदली गई है। पीएचसी किशनपुर में तैनात डॉ अभिषेक कुमार सिन्हा का स्थानांतरण किया गया है। उनकी जगह डॉ अखिलेश कुमार को नया प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी बनाया गया है। अब किशनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रशासनिक जिम्मेदारी नए अधिकारी संभालेंगे।

अनुमंडलीय अस्पताल निर्मली में भी बदलाव किया गया है। यहां पहले प्रभारी उपाधीक्षक के रूप में कार्यरत डॉ शैलेंद्र कुमार का स्थानांतरण किया गया है। उनके स्थान पर विशेषज्ञ चिकित्सक (जनरल फिजिशियन) डॉ रविंद्र कुमार रवि को नया प्रभारी उपाधीक्षक नियुक्त किया गया है। अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित करने की जिम्मेदारी अब नए अधिकारी के पास होगी।

रेफरल अस्पताल राघोपुर में भी नए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की नियुक्ति की गई है। यहां डॉ दीपनारायण राम के स्थान पर डॉ राजेंद्र गुप्ता को जिम्मेदारी दी गई है। विभाग को उम्मीद है कि नए नेतृत्व में अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में और सुधार होगा।

इसके अलावा पीएचसी निर्मली में डॉ अरफा जबीं को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था, कर्मचारियों के समन्वय और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है।

त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल में भी बदलाव

अनुमंडलीय अस्पताल त्रिवेणीगंज में प्रभारी उपाधीक्षक डॉ इंद्रदेव यादव के सेवानिवृत्त होने के बाद नए अधिकारी की नियुक्ति की गई है। विभागीय वरीयता के आधार पर डॉ उमेश कुमार को प्रभारी उपाधीक्षक-सह-निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी बनाया गया है।

डॉ उमेश कुमार अब अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था के साथ-साथ वित्तीय कार्यों की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। विभागीय आदेश के अनुसार यह नियुक्ति एक जुलाई 2026 से प्रभावी होगी।

वित्तीय और प्रशासनिक जिम्मेदारी भी सौंपी गई

सिविल सर्जन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अस्पतालों के वर्तमान प्रभारी अधिकारी नए नामित अधिकारियों को संपूर्ण प्रभार सौंपेंगे। इसमें अस्पताल के प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ वित्तीय जिम्मेदारियां भी शामिल हैं।

विभाग ने यह कदम बिहार कोषागार संहिता-2011 के नियमों के तहत उठाया है। इसके अनुसार जिन अधिकारियों को निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी बनाया गया है, उन्हें वित्तीय संचालन की जिम्मेदारी भी दी गई है।

सात जुलाई से लागू होगी अधिकांश नियुक्तियां

स्वास्थ्य विभाग के आदेश के अनुसार त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल में नए प्रभारी उपाधीक्षक की नियुक्ति एक जुलाई 2026 से प्रभावी होगी। वहीं अन्य सभी अस्पतालों में किए गए बदलाव सात जुलाई 2026 से लागू किए जाएंगे।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अधिकारियों के बदलाव का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों की कार्यप्रणाली को मजबूत करना, प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाना और मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद

सुपौल जिले के ग्रामीण और अनुमंडलीय क्षेत्रों में सरकारी अस्पताल बड़ी संख्या में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराते हैं। ऐसे में अस्पतालों में स्थायी प्रशासनिक नेतृत्व का होना बेहद जरूरी माना जाता है। नए अधिकारियों की नियुक्ति के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता, मरीजों की देखभाल, स्वास्थ्य योजनाओं का संचालन और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।

स्वास्थ्य विभाग लगातार सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर बदलाव कर रहा है। सुपौल में किए गए इस फेरबदल को भी इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें:

बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़ी खबरें: 

सुपौल जिले के सरकारी अस्पतालों में किया गया प्रशासनिक बदलाव स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अस्पतालों में प्रभारी अधिकारियों की भूमिका काफी अहम होती है, क्योंकि वही चिकित्सा सेवाओं के संचालन, कर्मचारियों के प्रबंधन और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की निगरानी करते हैं।

नए अधिकारियों की नियुक्ति से उम्मीद है कि अस्पतालों में प्रशासनिक कार्य तेजी से होंगे और मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों में मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता होती है, ताकि सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ आम लोगों तक आसानी से पहुंच सके।

अब जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अस्पतालों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना, मरीजों की समस्याओं का समाधान करना और स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता बनाए रखना होगी।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *