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बिहार के हज यात्रियों को बड़ी सौगात: 2027 से पटना से मदीना-जेद्दाह के लिए सीधी उड़ान, गया से भी सेवा होगी बहाल

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बिहार के हज यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। वर्ष 2027 से पटना एयरपोर्ट से मदीना और जेद्दाह के लिए सीधी हज उड़ान शुरू करने की तैयारी है। गया एयरपोर्ट से भी हज सेवा दोबारा बहाल होगी। जानिए आवेदन की अंतिम तिथि, जरूरी नियम और पूरी जानकारी।

पटना/आलम की खबर:बिहार के हजारों हज यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से जिस सुविधा की मांग की जा रही थी, वह अब वर्ष 2027 से साकार होती दिखाई दे रही है। राज्य सरकार और संबंधित विभागों की तैयारियों के अनुसार वर्ष 2027 से पटना एयरपोर्ट से सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना और जेद्दाह के लिए सीधी हज उड़ान सेवा शुरू करने की योजना बनाई गई है। इस फैसले के लागू होने के बाद बिहार के आजमीन-ए-हज को दूसरे राज्यों के एयरपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उनकी यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान, सुविधाजनक और कम खर्चीली हो जाएगी।

अब तक बिहार के बड़ी संख्या में हज यात्रियों को सीधी उड़ान उपलब्ध नहीं होने के कारण कोलकाता सहित अन्य शहरों तक पहले सड़क या रेल मार्ग से पहुंचना पड़ता था। इसके बाद वहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ान लेकर सऊदी अरब जाना पड़ता था। इस पूरी प्रक्रिया में अतिरिक्त समय, आर्थिक बोझ और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ता था। विशेष रूप से बुजुर्ग यात्रियों के लिए यह यात्रा काफी कठिन साबित होती थी। ऐसे में पटना से सीधे उड़ान शुरू होने की योजना को बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार पटना से मदीना और जेद्दाह तक सीधी हवाई सेवा शुरू होने पर लगभग सात घंटे में यात्रा पूरी की जा सकेगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और उन्हें बार-बार यात्रा बदलने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी। सबसे बड़ी बात यह है कि पटना एयरपोर्ट के निकट ही हज भवन स्थित है, जहां हज यात्रियों के दस्तावेज सत्यापन, प्रशिक्षण, ठहरने और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाएं पहले से उपलब्ध हैं। इससे पूरी प्रक्रिया और अधिक व्यवस्थित हो जाएगी।

विभाग ने हज-2027 की तैयारी करने वाले लोगों से अभी से आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने की अपील की है। विशेष रूप से पासपोर्ट समय रहते बनवाने और उसकी वैधता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। आवेदन करते समय यात्रियों को अपने प्रस्थान केंद्र के रूप में पटना का चयन करना होगा ताकि सीधी उड़ान सुविधा का लाभ मिल सके।

बिहार के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि वर्ष 2027 में गया एयरपोर्ट से भी हज उड़ानों का संचालन दोबारा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। गया से पहले लगातार कई वर्षों तक हज उड़ानों का संचालन होता रहा था। हालांकि वर्ष 2026 में यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रहने के कारण इस सेवा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। अब दोबारा यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसे पुनः शुरू करने की योजना बनाई गई है।

गया एयरपोर्ट से सेवा बहाल होने के बाद दक्षिण बिहार के जिलों के यात्रियों को भी काफी राहत मिलेगी। उन्हें पटना या अन्य शहरों तक आने की आवश्यकता कम होगी और अपने नजदीकी एयरपोर्ट से ही यात्रा शुरू करने का अवसर मिलेगा। इससे पूरे राज्य के हज यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।

हज-2027 के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इच्छुक लोग 20 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन हज कमेटी ऑफ इंडिया के आधिकारिक पोर्टल तथा हज सुविधा मोबाइल एप के माध्यम से स्वीकार किए जा रहे हैं। जिन लोगों को ऑनलाइन आवेदन करने में कठिनाई होती है, उनके लिए पटना के हार्डिंग रोड स्थित हज भवन में विशेष सहायता केंद्र भी संचालित किया जा रहा है। यहां आवेदन भरने से लेकर पासपोर्ट संबंधी सहायता तक उपलब्ध कराई जा रही है।

हज यात्रा के लिए कुछ आवश्यक नियम भी निर्धारित किए गए हैं। सऊदी अरब सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों को हज यात्रा की अनुमति नहीं होगी। वहीं 65 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों के साथ एक अटेंडेंट का रहना अनिवार्य किया गया है। इस अटेंडेंट का पूरा खर्च संबंधित यात्री को स्वयं वहन करना होगा।

आवेदन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के पास ऐसा पासपोर्ट होना चाहिए जिसकी वैधता 31 दिसंबर 2027 तक बनी रहे। यदि पासपोर्ट की वैधता इससे पहले समाप्त हो रही है तो पहले उसका नवीनीकरण कराना आवश्यक होगा। विभाग ने सभी आवेदकों को सलाह दी है कि आवेदन करने से पहले अपने सभी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लें ताकि बाद में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

बिहार का हज कोटा लगभग 12 हजार यात्रियों का है। पिछले वर्षों के अनुभव बताते हैं कि कई बार निर्धारित कोटा पूरी तरह भर नहीं पाता। ऐसे में आवेदन करने वाले पात्र लोगों के चयन की संभावना सामान्यतः अधिक रहती है। हालांकि अंतिम चयन और प्रक्रिया हज कमेटी के निर्धारित नियमों के अनुसार ही पूरी की जाएगी।

चयनित हज यात्रियों को 10 अगस्त तक पहली किस्त के रूप में 1,52,300 रुपये जमा करने होंगे। इसके बाद यात्रा कार्यक्रम, अंतिम हज पैकेज, उड़ान का शेड्यूल और अन्य आवश्यक निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे। विभाग ने सभी आवेदकों से समय-समय पर जारी होने वाली आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखने की भी अपील की है।

पटना से सीधी हज उड़ान शुरू होने की तैयारी केवल एक नई हवाई सेवा नहीं बल्कि बिहार के हजारों परिवारों के लिए बड़ी राहत है। इससे यात्रा का समय कम होगा, खर्च में कमी आएगी और विशेषकर बुजुर्ग यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। यदि योजना तय समय पर लागू होती है तो वर्ष 2027 से बिहार के हज यात्रियों की यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और व्यवस्थित हो जाएगी।

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बिहार से सीधे हज उड़ान शुरू करने की योजना वर्षों पुरानी मांग को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बड़ी संख्या में हज यात्रियों को अब तक दूसरे राज्यों के एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत आती थी। पटना और गया दोनों स्थानों से उड़ान उपलब्ध होने पर यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है।

सरकार के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती इस योजना को समय पर लागू करना और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना होगा। हज भवन, एयरपोर्ट और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से पूरी प्रक्रिया अधिक सुगम बन सकती है।

हज यात्रियों को भी चाहिए कि वे समय रहते पासपोर्ट, दस्तावेज और आवेदन की प्रक्रिया पूरी करें ताकि अंतिम समय में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। यदि सभी तैयारियां समय पर पूरी होती हैं तो वर्ष 2027 बिहार के हज यात्रियों के लिए एक नई शुरुआत साबित हो सकता है।

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