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बेतिया–मझौलिया रेलखंड पर 120 की रफ्तार से दौड़ी स्पेशल ट्रेन, CRS ने किया निरीक्षण

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Alam Ki Khabar: पूर्व मध्य रेल के बेतिया–मझौलिया रेलखंड का सीआरएस निरीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से स्पीड ट्रायल किया गया। दोहरीकरण परियोजना में यह महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

समस्तीपुर/आलम की खबर:पूर्व मध्य रेल की दोहरीकरण परियोजना के तहत बेतिया–मझौलिया रेलखंड पर शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण चरण सफलतापूर्वक पूरा हुआ। करीब 9.848 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित दोहरीकृत रेलखंड का संरक्षा आयुक्त (रेलवे) पूर्वी परिमंडल, कोलकाता द्वारा गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के बाद इसी रेलखंड पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विशेष ट्रेन चलाकर सफल स्पीड ट्रायल भी किया गया। इस सफल परीक्षण के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इस रेलखंड पर नियमित परिचालन का मार्ग और अधिक आसान होगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, संरक्षा आयुक्त श्री गुरु प्रकाश ने निरीक्षण की शुरुआत बेतिया स्टेशन से मोटर ट्रॉली के माध्यम से की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पूरे रेलखंड पर रेलवे सुरक्षा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की बारीकी से जांच की। पुल, पुलियों, प्वाइंट्स, सिग्नलिंग सिस्टम, पैनल रूम तथा समपार फाटकों का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए ताकि भविष्य में परिचालन पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु रहे।

निरीक्षण पूरा होने के बाद बेतिया और मझौलिया स्टेशनों के बीच विशेष ट्रेन का स्पीड ट्रायल आयोजित किया गया। इस दौरान ट्रेन को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर ट्रैक की गुणवत्ता, स्थिरता, सुरक्षा मानकों तथा परिचालन क्षमता का परीक्षण किया गया। रेलवे के तकनीकी विशेषज्ञों ने ट्रैक के व्यवहार, कंपन, सिग्नलिंग व्यवस्था और अन्य तकनीकी बिंदुओं का भी गहन मूल्यांकन किया।

पूर्व मध्य रेल के लिए यह दोहरीकरण परियोजना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस परियोजना के पूरा होने से भविष्य में ट्रेनों का परिचालन अधिक सुगम होगा, ट्रैफिक दबाव कम होगा तथा यात्रियों और मालगाड़ियों दोनों के संचालन में सुविधा मिलेगी। साथ ही ट्रेनों की समयपालन क्षमता में भी सुधार होने की उम्मीद है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सीआरएस निरीक्षण किसी भी नई रेल लाइन अथवा दोहरीकरण परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है। संरक्षा आयुक्त की अनुमति मिलने के बाद ही संबंधित रेलखंड पर नियमित परिचालन शुरू किया जाता है। इसलिए शुक्रवार का सफल निरीक्षण और स्पीड ट्रायल परियोजना के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

इस अवसर पर समस्तीपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्रा सहित निर्माण विभाग एवं समस्तीपुर मंडल के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान संरक्षा आयुक्त को परियोजना से जुड़ी तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई तथा निरीक्षण प्रक्रिया में सहयोग किया।

रेलवे सूत्रों के अनुसार, दोहरीकरण परियोजनाओं के पूरा होने से ट्रेनों की संख्या बढ़ाने, परिचालन क्षमता में सुधार लाने और यात्रियों को बेहतर रेल सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। बेतिया–मझौलिया रेलखंड का सफल निरीक्षण भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

बेतिया–मझौलिया रेलखंड पर स्पीड ट्रायल के सफल आयोजन से परियोजना के अगले चरण का रास्ता लगभग साफ हो गया है। अब रेलवे को सीआरएस की अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद इस रेलखंड पर नियमित परिचालन शुरू होने की उम्मीद है, जिससे पश्चिम चंपारण क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित रेल सुविधा का लाभ मिलेगा।

बेतिया–मझौलिया रेलखंड पर 120 की रफ्तार, रेलवे विकास की नई पटरी

पूर्व मध्य रेल लगातार अपनी आधारभूत संरचना को मजबूत करने में जुटी है। बेतिया–मझौलिया रेलखंड का सफल सीआरएस निरीक्षण और 120 किमी प्रति घंटे का स्पीड ट्रायल इस दिशा में बड़ा कदम है। दोहरीकरण से ट्रेनों का संचालन अधिक तेज, सुरक्षित और समयबद्ध होगा। आने वाले समय में इसका सीधा लाभ यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन को भी मिलेगा।

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