:
Breaking News

भोजपुर में हिरासत से युवक लापता मामला: हाईकोर्ट की सख्ती के बाद 6 पुलिसकर्मी गिरफ्तार, 10 महीने बाद भी नहीं मिला सुराग | Alam Ki Khabar

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar: भोजपुर में पुलिस हिरासत से युवक के रहस्यमय ढंग से लापता होने के मामले में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के 6 कर्मियों को गिरफ्तार किया गया। 10 महीने बाद भी युवक का कोई सुराग नहीं मिला।

आरा/आलम की खबर:बिहार के भोजपुर जिले में पुलिस हिरासत से युवक के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। घटना के करीब 10 महीने बाद पटना हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के दो एएसआई, तीन होमगार्ड जवान और एक सरकारी चालक समेत छह कर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब सभी आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि हिरासत में लिए गए युवक के साथ आखिर क्या हुआ।

यह मामला बिहिया थाना क्षेत्र के गंज गांव निवासी सनोज कुमार से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार 13 अगस्त 2025 को जगदीशपुर उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की टीम शराब बरामदगी की सूचना पर धरहरा टोला में छापेमारी करने पहुंची थी। इसी दौरान टीम ने सनोज कुमार को हिरासत में लिया। विभाग का दावा था कि कुछ देर बाद वह पुलिस की गिरफ्त से फरार हो गया।

हालांकि शुरुआत से ही परिजनों ने इस दावे पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि जब युवक पुलिस की निगरानी में था तो उसके फरार होने की कहानी पर विश्वास करना मुश्किल है। मामला तब और गंभीर हो गया जब सनोज कुमार का मोबाइल फोन उत्पाद विभाग के कब्जे से बरामद हुआ, लेकिन युवक का कोई पता नहीं चल सका। घटना के बाद से उसका मोबाइल भी लगातार बंद मिला।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिस युवक के फरार होने का दावा किया गया, उस संबंध में उत्पाद विभाग की ओर से कोई प्राथमिकी तक दर्ज नहीं कराई गई। इस लापरवाही ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया। इसके बाद परिजनों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

पटना हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भोजपुर के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से प्रगति प्रतिवेदन तलब किया। अदालत के निर्देश के बाद भोजपुर पुलिस ने जांच तेज करते हुए उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के छह कर्मियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी से पूछताछ जारी है और मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है।

घटना के करीब 10 महीने बीत जाने के बावजूद सनोज कुमार का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। वह जीवित है या नहीं, इस बारे में भी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इससे परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं परिजन युवक की बरामदगी और पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: • भोजपुर क्राइम न्यूज – https://alamkikhabar.com/bhojpur-crime-news⁠�

• बिहार क्राइम अपडेट – https://alamkikhabar.com/bihar-crime-news⁠�

• पटना हाईकोर्ट समाचार – https://alamkikhabar.com/patna-high-court-news⁠�

हिरासत में सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

यह मामला पुलिस हिरासत में सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि कोई व्यक्ति वास्तव में हिरासत से फरार हुआ था तो उसकी प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं हुई, और यदि नहीं हुआ तो उसके साथ क्या हुआ—इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजर बनी हुई है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *