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Bakhtiyarpur Tajpur Bridge Accident: समस्तीपुर के ताजपुर में निर्माण के दौरान CFT मशीन में खराबी, 4 श्रमिक घायल

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Alam Ki Khabar | समस्तीपुर जिले के ताजपुर में बख्तियारपुर–ताजपुर पुल परियोजना के निर्माण कार्य के दौरान CFT मशीन में तकनीकी खराबी आने से चार श्रमिक घायल हो गए। सभी का इलाज जारी है और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।

समस्तीपुर/आलम की खबर:समस्तीपुर जिले के ताजपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन बख्तियारपुर–ताजपुर पुल परियोजना एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है, लेकिन इस बार कारण विकास कार्य की प्रगति नहीं बल्कि निर्माण के दौरान हुआ एक हादसा है। शनिवार सुबह करीब 9 बजे परियोजना के P-38 पिलर पर चल रहे कार्य के दौरान अचानक CFT मशीन के एक हिस्से में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके चलते मशीन के नीचे लगी ट्रे असंतुलित होकर एक ओर झुक गई। इसी दौरान वहां कार्य कर रहे चार श्रमिक उसकी चपेट में आकर घायल हो गए। घटना के बाद पूरे निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ देर के लिए काम रोक दिया गया।

स्थानीय अधिकारियों और परियोजना से जुड़े इंजीनियरों ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायल श्रमिकों को बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार सभी घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और उन्हें हर संभव चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पथ निर्माण विभाग दोनों सक्रिय हो गए हैं।

समस्तीपुर जिला प्रशासन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि यह हादसा CFT मशीन में आई तकनीकी खराबी के कारण हुआ। मशीन के नीचे लगी ट्रे के अचानक झुक जाने से श्रमिक असंतुलित होकर घायल हुए। घटना के तुरंत बाद निर्माण स्थल को सुरक्षित कर दिया गया और तकनीकी टीम को जांच व मरम्मत के लिए मौके पर तैनात किया गया है। प्रारंभिक जांच में मशीन की तकनीकी प्रणाली में खराबी की आशंका जताई गई है, हालांकि विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।

पथ निर्माण विभाग ने अपने बयान में दोहराया है कि राज्य सरकार और विभाग के लिए श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभाग के अनुसार किसी भी निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं किया जाएगा। घटना के बाद सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा की जाए और सभी मशीनों की तकनीकी जांच अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

बख्तियारपुर–ताजपुर पुल परियोजना बिहार की सबसे महत्वाकांक्षी आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक मानी जाती है। यह पुल गंगा नदी के दोनों किनारों को जोड़ने के साथ-साथ उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस परियोजना के पूरा होने से समस्तीपुर, पटना और आसपास के जिलों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं निर्माण कार्य की गति और सुरक्षा व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े करती हैं।

स्थानीय स्तर पर इस घटना के बाद लोगों में चिंता भी देखी गई है, हालांकि प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घायलों के इलाज में किसी प्रकार की कमी नहीं छोड़ी जा रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी प्रकार की लापरवाही या तकनीकी खामी सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि बड़े निर्माण कार्यों में आधुनिक मशीनों के उपयोग के साथ-साथ उनकी नियमित तकनीकी जांच और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कितना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे निर्माण स्थलों पर थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

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संपादकीय: निर्माण विकास के साथ सुरक्षा की अनदेखी नहीं होनी चाहिए

बिहार में बुनियादी ढांचे के विकास की रफ्तार पिछले कुछ वर्षों में तेज हुई है। पुल, सड़क और अन्य परियोजनाएं राज्य की तस्वीर बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। लेकिन ऐसे विकास कार्यों के बीच श्रमिकों की सुरक्षा सबसे अहम मुद्दा है, जिसे किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ताजपुर में हुआ यह हादसा कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि यह संकेत है कि निर्माण स्थलों पर तकनीकी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

मशीनों पर निर्भरता बढ़ने के साथ-साथ उनके नियमित निरीक्षण और ऑपरेटरों के प्रशिक्षण की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि इन पहलुओं पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो विकास की यह गति कई बार हादसों की कीमत पर भारी पड़ सकती है। सरकार और संबंधित विभागों को चाहिए कि वे ऐसी परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों को और सख्त बनाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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