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Bihar Crime: बेगूसराय में टॉप-10 अपराधी गिरफ्तार, हथियार बरामदगी के वायरल वीडियो पर पुलिस ने दी सफाई

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Alam Ki Khabar | Bihar Crime News: बेगूसराय पुलिस ने जिले के टॉप-10 अपराधियों में शामिल दो सगे भाइयों को हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद वायरल वीडियो पर पुलिस ने सफाई देते हुए फर्जी कार्रवाई के आरोपों को खारिज किया।

बेगूसराय/आलम की खबर:बेगूसराय जिले में पुलिस ने अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल दो सगे भाइयों को हथियार, कारतूस और अन्य सामान के साथ गिरफ्तार कर लिया। हालांकि गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया। वीडियो में पुलिसकर्मियों पर आरोपियों की कमर में पिस्टल डालने का आरोप लगाया गया, लेकिन पुलिस ने इन दावों को भ्रामक बताते हुए पूरी घटना का अपना पक्ष सामने रखा।

बलिया थाना क्षेत्र के बरियारपुर निवासी सोनू सिंह और मोनू सिंह की गिरफ्तारी शनिवार को की गई। पुलिस के अनुसार दोनों लंबे समय से गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित थे और जिले के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल थे। दोनों के गांव में मौजूद होने की सूचना मिलने पर पुलिस पदाधिकारी रोबिन कुमार दास और गौतम कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर छापेमारी की गई।

पुलिस के मुताबिक छापेमारी के दौरान दोनों आरोपी भागने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तारी के समय मोनू सिंह ने अपनी कमर से हथियार निकालने की कोशिश की, जिसे पुलिसकर्मियों ने तुरंत अपने कब्जे में ले लिया। तलाशी के दौरान मोनू सिंह के पास से एक लोडेड कट्टा, चार जिंदा कारतूस, एक खुखरी और तीन हजार रुपये बरामद किए गए। वहीं सोनू सिंह के पास से पांच कारतूस और एक चाकू बरामद होने का दावा किया गया है।

गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें यह दावा किया गया कि पुलिसकर्मी आरोपियों की कमर में जबरन पिस्टल रख रहे हैं। इस वीडियो को लेकर पूरे दिन चर्चाओं का दौर चलता रहा। मामले पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सुबोध कुमार ने कहा कि वीडियो को भ्रामक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी के समय आरोपी मोनू सिंह हथियार निकालने का प्रयास कर रहा था, जिसे पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद कब्जे में लिया। उन्होंने पुलिस पर लगाए गए फर्जी कार्रवाई के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया।

SDPO ने बताया कि दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास वर्ष 2012 से जुड़ा हुआ है। उनके खिलाफ बलिया थाना में हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में लगभग एक दर्जन मामले दर्ज हैं। हाल के दिनों में भी दोनों पर गांव में गोलीबारी करने का आरोप है, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे।

पुलिस का कहना है कि बरामद हथियारों और अन्य सामान को जब्त कर लिया गया है तथा दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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गिरफ्तारी के बाद वायरल वीडियो पर विवाद

इस मामले में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने नई बहस छेड़ दी है। एक ओर वीडियो के आधार पर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं पुलिस का कहना है कि वीडियो अधूरा और भ्रामक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। मामले की सच्चाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

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