:
Breaking News

Bihar Crime News: बेगूसराय रामाकांत यादव हत्याकांड में 7 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने सुनाई बड़ी सजा

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar | बेगूसराय के चर्चित रामाकांत यादव हत्याकांड में अदालत ने सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी दोषियों पर 8-8 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

बेगूसराय, 09 जुलाई। आलम की खबर: चार वर्ष पुराने चर्चित रामाकांत यादव हत्याकांड में बेगूसराय की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय सह विशेष न्यायाधीश ब्रजेश कुमार सिंह की अदालत ने सभी दोषियों पर आठ-आठ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए इसे न्याय की जीत बताया।

अदालत ने साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के सिरैया गांव निवासी रामाशीष यादव, जवाहर यादव, जयकृष्ण यादव, गोपाल उर्फ गोपाल गोविंद, आदर्श कुमार, नितीश कुमार और राकेश कुमार को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। यह मामला साहेबपुर कमाल थाना कांड संख्या 176/2021 से जुड़ा है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार मृतक रामाकांत यादव और आरोपितों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इस विवाद को लेकर कई बार पंचायत और समझौते के प्रयास भी हुए, लेकिन मामला नहीं सुलझा। 21 जुलाई 2021 की शाम करीब पांच बजे सभी आरोपित हथियारों से लैस होकर पहुंचे और रामाकांत यादव पर गोली चला दी। गंभीर रूप से घायल रामाकांत यादव को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता राम प्रकाश यादव ने नौ गवाहों की गवाही कराई, जबकि सूचिका की ओर से अधिवक्ता मंसूर आलम ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सभी सात आरोपितों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

अभियोजन ने यह भी आरोप लगाया था कि घटना के बाद आरोपितों ने मृतक के घर की महिलाओं के साथ मारपीट और छेड़छाड़ की थी। अदालत में फैसला सुनाए जाने के दौरान मृतक की पत्नी रूबी देवी अपने पुत्र के साथ मौजूद थीं। सजा सुनाए जाने के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और आज उनके पति के हत्यारों को सजा मिलने से न्याय मिला है।

चार वर्षों तक चली सुनवाई के बाद आए इस फैसले को जिले के चर्चित आपराधिक मामलों में एक महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय माना जा रहा है। इससे यह संदेश भी गया है कि गंभीर आपराधिक मामलों में न्यायिक प्रक्रिया के बाद दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलती है।

न्याय में विश्वास बना रहना जरूरी

हत्या जैसे गंभीर मामलों में समय पर निष्पक्ष जांच, मजबूत साक्ष्य और प्रभावी पैरवी न्याय दिलाने की सबसे अहम कड़ी होती है। अदालत का यह फैसला पीड़ित परिवार के लिए राहत लेकर आया है और कानून के राज में विश्वास को मजबूत करता है।

यह भी पढ़ें

बिहार क्राइम की बड़ी खबरें

बेगूसराय की ताजा खबरें

बिहार कोर्ट के अहम फैसले

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *