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Bihar Toll Tax: बिहार में नई टोल नीति लागू, बिना टोल दिए निकले तो लगेगा दोगुना जुर्माना, जानिए नए नियम

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Alam Ki Khabar: बिहार सरकार ने नई टोल नीति लागू कर दी है। अब स्टेट हाईवे और 250 मीटर से अधिक लंबे पुलों पर व्यावसायिक वाहनों से टोल वसूला जाएगा। बिना भुगतान निकलने पर दोगुना जुर्माना लगेगा, जबकि 72 घंटे के भीतर भुगतान करने पर अतिरिक्त जुर्माने से राहत मिलेगी।

पटना, 10 जुलाई। आलम की खबर: बिहार सरकार ने राज्य में टोल वसूली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नई टोल नीति लागू कर दी है। पथ निर्माण विभाग की अधिसूचना के बाद अब चयनित स्टेट हाईवे और 250 मीटर से अधिक लंबाई वाले पुलों पर चलने वाले व्यावसायिक वाहनों से निर्धारित टोल टैक्स लिया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत टोल भुगतान से बचने वाले वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इस नीति से न केवल टोल संग्रह प्रणाली मजबूत होगी, बल्कि सड़क और पुलों के रखरखाव के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन भी समय पर उपलब्ध हो सकेंगे।

नई नीति के अनुसार यदि कोई वाहन चालक टोल प्लाजा से बिना शुल्क चुकाए निकल जाता है या जानबूझकर भुगतान से बचता है, तो उसे सामान्य टोल राशि के साथ दोगुना जुर्माना देना होगा। ऐसे मामलों में विभाग वाहन मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ई-नोटिस जारी करेगा। पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होगी, जिससे कार्रवाई अधिक पारदर्शी और तेज हो सकेगी।

सरकार ने वाहन मालिकों को राहत का भी प्रावधान दिया है। यदि ई-नोटिस जारी होने के 72 घंटे के भीतर संबंधित व्यक्ति बकाया टोल का भुगतान कर देता है, तो अतिरिक्त जुर्माना नहीं लिया जाएगा। लेकिन यदि 15 दिनों तक भुगतान नहीं किया जाता है, तो विभाग को संबंधित वाहन को राज्य में कहीं भी रोककर टोल और जुर्माने की राशि वसूलने का अधिकार होगा।

नई व्यवस्था के तहत लगातार भुगतान से बचने वाले वाहन मालिकों पर प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकेगी। ऐसे मामलों में वाहन से जुड़े ऑनलाइन कार्य, जैसे बीमा नवीनीकरण, प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC), एनओसी और स्वामित्व हस्तांतरण जैसी सेवाओं पर रोक लगाई जा सकती है। इसके लिए टोल कलेक्शन सिस्टम को वाहन पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जिससे डिफॉल्टर वाहनों की पहचान आसान होगी।

यदि किसी वाहन मालिक को जारी किया गया ई-नोटिस गलत लगता है, तो उसे ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार भी मिलेगा। अधिसूचना के अनुसार 72 घंटे के भीतर निर्धारित पोर्टल पर शिकायत दर्ज की जा सकेगी। संबंधित अधिकारी को पांच दिनों के भीतर शिकायत का निस्तारण करना होगा और निर्णय की सूचना ई-मेल तथा एसएमएस के माध्यम से दी जाएगी। यदि निर्धारित समय सीमा में निर्णय नहीं लिया जाता है, तो संबंधित बकाया राशि स्वतः समाप्त मानी जाएगी और वाहन पोर्टल पर रिकॉर्ड अपडेट कर दिया जाएगा।

पथ निर्माण विभाग के अनुसार राज्य के विभिन्न जिलों में उन स्टेट हाईवे और पुलों की पहचान की जा रही है, जहां ट्रैफिक घनत्व और तकनीकी मानकों के आधार पर टोल वसूली लागू होगी। कई स्थानों पर ट्रैफिक सर्वे पूरा हो चुका है और चरणबद्ध तरीके से नई व्यवस्था लागू की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नियम मुख्य रूप से व्यावसायिक वाहनों पर लागू होंगे।

डिजिटल व्यवस्था से बढ़ेगी पारदर्शिता

नई टोल नीति का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था विकसित करना भी है। समय पर भुगतान और ऑनलाइन निगरानी से विवाद कम होने तथा सड़क अवसंरचना के रखरखाव के लिए संसाधन उपलब्ध होने की उम्मीद है।

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