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Nawada Bridge Collapse: ओवरलोड ट्रकों ने तोड़ी पुलिया, नवादा के दर्जनों गांवों का सड़क संपर्क टूटा, लोगों की बढ़ी परेशानी

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Alam Ki Khabar: नवादा के रजौली थाना क्षेत्र में ओवरलोड ट्रकों के दबाव से पुलिया टूट गई। हरदिया पंचायत के सिंगर गांव के पास हुई घटना से दर्जनों गांवों का संपर्क बाधित हो गया। जानिए पूरी रिपोर्ट।

नवादा, 11 जुलाई। आलम की खबर: नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र में शनिवार को एक बड़ी लापरवाही का खामियाजा दर्जनों गांवों के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। हरदिया पंचायत के सिंगर गांव के पास स्थित पुलिया ओवरलोड ट्रकों के लगातार दबाव को नहीं झेल सकी और अचानक ध्वस्त हो गई। पुलिया टूटते ही फुलवरिया डैम और जंगल क्षेत्र से जुड़े कई गांवों का प्रखंड मुख्यालय से सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर तत्काल इस मार्ग पर आवागमन रोक दिया है और वैकल्पिक रास्ता तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि जंगल क्षेत्र में रेलवे ट्रैक निर्माण कार्य कर रही एजेंसी लंबे समय से क्षमता से अधिक वजन वाले सीमेंट और निर्माण सामग्री से लदे ट्रकों का परिचालन इसी ग्रामीण सड़क से करा रही थी। लगातार भारी वाहनों के दबाव के कारण पुलिया पहले से ही क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इसकी शिकायत भी की गई, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

शनिवार को एक और ओवरलोड ट्रक के पुलिया से गुजरने के दौरान उसका ढांचा पूरी तरह ध्वस्त हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि स्थानीय लोगों और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने समय रहते पुलिया पर आवाजाही रोक दी, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त पुलिया का निरीक्षण किया। पुलिया टूटने से जंगल क्षेत्र समेत आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों की दैनिक जिंदगी प्रभावित हो गई है। अब ग्रामीणों को बाजार, स्कूल, अस्पताल और प्रखंड कार्यालय तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ सकता है।

ग्रामीणों ने रेलवे निर्माण एजेंसी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने, ओवरलोड वाहनों के संचालन पर सख्त रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पुलिया के शीघ्र पुनर्निर्माण और अस्थायी वैकल्पिक मार्ग जल्द तैयार करने की भी मांग उठाई है।

प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्थायी मार्ग बनाने की तैयारी की जा रही है। साथ ही क्षतिग्रस्त पुलिया के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी ताकि प्रभावित गांवों का आवागमन सामान्य हो सके।

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ओवरलोड वाहनों का संचालन केवल सड़क और पुलों को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि लोगों की जान भी जोखिम में डालता है। यदि समय रहते पुलिया की मरम्मत और ओवरलोडिंग पर कार्रवाई होती, तो शायद यह स्थिति नहीं बनती। अब जरूरत है कि जिम्मेदार एजेंसियों की जवाबदेही तय हो और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त व्यवस्था बनाई जाए।

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