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Patna Banti Murder: पटना जंक्शन से अपहृत बंटी यादव हत्याकांड का खुलासा, शराब कारोबार के विवाद में हुई हत्या

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Alam Ki Khabar: पटना जंक्शन से अपहृत बंटी यादव हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया। जांच में अवैध शराब के कारोबार से जुड़े पैसों के विवाद को हत्या की वजह बताया गया। दो और आरोपी गिरफ्तार, मुख्य साजिशकर्ता की तलाश जारी।

पटना, 14 जुलाई। आलम की खबर:पटना जंक्शन से अपहरण के बाद लापता हुए बंटी यादव हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। विशेष जांच टीम (एसआईटी) की पड़ताल में सामने आया है कि अवैध शराब के कारोबार से होने वाली कमाई में हिस्सेदारी को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद इस सनसनीखेज हत्या की मुख्य वजह बना। मामले में पुलिस ने दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता सहित अन्य फरार आरोपितों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।

पुलिस के अनुसार, जक्कनपुर थाना क्षेत्र निवासी किरण देवी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि छह जुलाई की रात उनका पुत्र बंटी यादव पटना जंक्शन के दूध मंडी इलाके में दही लेने गया था। इसी दौरान कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की और जबरन अपने साथ ले गए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी।

घटना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (विधि-व्यवस्था-01) के नेतृत्व में चार अलग-अलग एसआईटी का गठन किया गया। टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, टावर लोकेशन, आईपीडीआर और सोशल मीडिया गतिविधियों की गहन जांच की। साथ ही संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी भी की गई।

जांच के शुरुआती चरण में पुलिस ने रोहित कुमार, बजरंगी कुमार और रवि कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था। इसके बाद 11 जुलाई को अथमलगोला थाना क्षेत्र के फुलेलपुर फोरलेन के पास खेत से मिट्टी में दबा बंटी यादव का शव बरामद हुआ, जिससे पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया।

आगे की कार्रवाई में पुलिस ने रौशन कुमार और अजीत कुमार सहनी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार की। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आया है कि रविश कुमार उर्फ बीसी और मोनी किन्नर उत्तर प्रदेश से अवैध शराब लाकर उसकी बिक्री करते थे। इसी कारोबार में हिस्सेदारी को लेकर बंटी यादव और रविश कुमार के बीच लगातार विवाद चल रहा था।

पुलिस के अनुसार इसी रंजिश के चलते आरोपितों ने मिलकर बंटी यादव के अपहरण की योजना बनाई। अपहरण के बाद उसकी हत्या कर शव को अथमलगोला क्षेत्र में फोरलेन किनारे खेत में बालू और मिट्टी से ढक दिया गया, ताकि पहचान न हो सके।

जांच के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। इनकी जांच से कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। वहीं फरार मुख्य साजिशकर्ता समेत अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

हत्या के पीछे अवैध कारोबार की परतें

यह मामला केवल एक हत्या नहीं, बल्कि अवैध शराब के कारोबार से जुड़े आपराधिक नेटवर्क की ओर भी इशारा करता है। यदि जांच इसी दिशा में आगे बढ़ती है तो इससे जुड़े कई और चेहरे सामने आ सकते हैं। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई के साथ अवैध कारोबार पर सख्ती जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।

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