:
Breaking News

Food Poisoning in Motihari: कस्तूरबा विद्यालय में भोजन में छिपकली मिलने से छात्राएं बीमार, मचा हड़कंप

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar: मोतिहारी के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में भोजन में मरी छिपकली मिलने के बाद कई छात्राएं फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गईं। सभी का अस्पताल में इलाज जारी है और मामले की जांच की मांग उठी है।
पूर्वी चंपारण, 15 जुलाई। आलम की खबर: मोतिहारी के संग्रामपुर प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में छात्राओं की सुरक्षा और भोजन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय के रात्रि भोजन के दौरान एक छात्रा की थाली में मरी हुई छिपकली मिलने के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इससे पहले कि सभी छात्राएं भोजन करना बंद करतीं, कई छात्राएं वही भोजन खा चुकी थीं। कुछ ही देर बाद आधा दर्जन से अधिक छात्राओं को उल्टी, पेट दर्द, घबराहट और तबीयत बिगड़ने की शिकायत होने लगी। स्थिति गंभीर होते देख विद्यालय प्रशासन ने बीमार छात्राओं को तत्काल स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के दौरान कुछ छात्राओं की हालत चिंताजनक मिलने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी फैल गई। लोगों ने विद्यालय में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों और छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रभावी सुधार नहीं किए गए। इस घटना ने एक बार फिर छात्राओं की सुरक्षा और भोजन की नियमित जांच व्यवस्था को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की सूचना मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा पूरे प्रकरण की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें
बिहार के सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था
पूर्वी चंपारण की प्रमुख खबरें
बिहार स्वास्थ्य विभाग की ताजा अपडेट
शिक्षा विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें
बेटियों की सुरक्षा से समझौता नहीं
विद्यालयों में बच्चों को दिया जाने वाला भोजन केवल पोषण का साधन नहीं बल्कि सरकार की जिम्मेदारी भी है। यदि भोजन की गुणवत्ता में लापरवाही होती है तो इसका सीधा असर बच्चों के स्वास्थ्य और अभिभावकों के विश्वास पर पड़ता है। ऐसे मामलों में केवल जांच ही नहीं बल्कि दोषियों के खिलाफ समयबद्ध और सख्त कार्रवाई भी जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *