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Bihar Train Accident: जनशताब्दी एक्सप्रेस बड़ा हादसा टला, पोर्टर और स्टेशन मास्टर की सतर्कता से बचीं सैकड़ों जानें

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Alam Ki Khabar: पटना-हावड़ा जनशताब्दी एक्सप्रेस अथमलगोला स्टेशन के पास संभावित बड़े हादसे से बाल-बाल बच गई। पोर्टर और स्टेशन मास्टर की सतर्कता से ट्रैक की खराबी का समय रहते पता चला और रेलवे ने तुरंत मरम्मत कर परिचालन सामान्य किया।

पटना, 22 जुलाई। आलम की खबर: पटना से हावड़ा जा रही जनशताब्दी एक्सप्रेस बुधवार को एक संभावित बड़े रेल हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। पटना जिले के अथमलगोला स्टेशन के समीप ट्रैक में आई तकनीकी खराबी को एक सतर्क पोर्टर ने समय रहते भांप लिया। स्टेशन मास्टर की त्वरित कार्रवाई और रेलवे कंट्रोल की सक्रियता के कारण ट्रेन को सुरक्षित रोककर बड़ा हादसा टाल दिया गया।

रेलवे सूत्रों के अनुसार गाड़ी संख्या 12024 पटना–हावड़ा जनशताब्दी एक्सप्रेस बख्तियारपुर से आगे बढ़ने के बाद तेज रफ्तार से अथमलगोला स्टेशन पार कर रही थी। उसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद पोर्टर मिलन कुमार ने ट्रेन के पहियों के पास से असामान्य आवाज और ट्रैक से गिट्टियां उछलती देखीं। स्थिति की गंभीरता समझते हुए उन्होंने तुरंत खतरे का संकेत देने का प्रयास किया।

ट्रेन की रफ्तार अधिक होने के कारण वह स्टेशन पार कर गई, लेकिन स्टेशन मास्टर ने बिना समय गंवाए वॉकी-टॉकी के जरिए गार्ड और रेलवे कंट्रोल को पूरी जानकारी दी। सूचना मिलते ही ट्रेन को आगे अचुआरा हॉल्ट पर सुरक्षित रोका गया, जहां लोको पायलट और गार्ड ने इंजन तथा कोचों की विस्तृत जांच की। शुरुआती जांच में ट्रेन में कोई तकनीकी खराबी नहीं मिली।

इसके बाद रेलवे की तकनीकी टीम ने अथमलगोला स्टेशन के समीप ट्रैक का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि पटरियों को मजबूती से थामे रखने वाली फास्टनिंग प्लेट खुल गई थी। इसी वजह से ट्रैक में कंपन हो रहा था और तेज गति से गुजरती ट्रेन के कारण गिट्टियां उछल रही थीं। अधिकारियों का मानना है कि यदि यह खराबी समय रहते नहीं पकड़ी जाती तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी।

घटना की सूचना मिलते ही इंजीनियरिंग विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत कर ट्रैक को सुरक्षित बनाया। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद रेल परिचालन सामान्य कर दिया गया।

रेलवे अधिकारियों ने पोर्टर और स्टेशन मास्टर की सूझबूझ की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता के कारण सैकड़ों यात्रियों की जान सुरक्षित रही। घटना ने एक बार फिर साबित किया कि रेलवे सुरक्षा व्यवस्था में जमीनी स्तर पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

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विशेष टिप्पणी

रेलवे की आधुनिक तकनीक जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही जरूरी फील्ड में तैनात कर्मचारियों की सजगता भी है। अथमलगोला की यह घटना बताती है कि एक कर्मचारी की सतर्क नजर सैकड़ों यात्रियों की जिंदगी बचा सकती है। ऐसे कर्मियों को सम्मानित करना न केवल उनका मनोबल बढ़ाएगा बल्कि पूरी रेलवे व्यवस्था के लिए प्रेरणा बनेगा।

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