:
Breaking News

Bhojpur Vigilance Raid: चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी के ठिकानों पर छापा, आय से 253.8% अधिक संपत्ति की जांच

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar: भोजपुर के गड़हनी पशु अस्पताल में कार्यरत चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी के ठिकानों पर निगरानी ब्यूरो की छापेमारी में आय से 253.8 फीसदी अधिक संपत्ति, 34 जमीन के दस्तावेज और लग्जरी वाहन मिलने का मामला सामने आया।

भोजपुर, 24 जुलाई। आलम की खबर: बिहार के भोजपुर जिले में निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई ने सरकारी विभागों में हलचल मचा दी है। गड़हनी स्थित पशु चिकित्सालय में कार्यरत एक चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में निगरानी ब्यूरो ने एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में कर्मचारी और उसके परिवार के नाम पर करोड़ों रुपये की संपत्ति, बड़ी संख्या में जमीन के दस्तावेज और महंगी गाड़ियों की जानकारी मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।

निगरानी ब्यूरो के अनुसार आरोपी कर्मचारी शिवानंद कुमार सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया है। जांच में उसकी वैध आय की तुलना में लगभग 253.8 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने का दावा किया गया है। इसी आधार पर 1.06 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।

गुरुवार को निगरानी टीम ने कर्मचारी के सरकारी कार्यालय, पैतृक गांव अलीपुर स्थित आवास और अन्य संबंधित ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। घंटों चली कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए।

जांच में कर्मचारी और उसकी पत्नी के नाम पर 34 भूखंडों के रजिस्ट्री दस्तावेज मिले हैं। सरकारी मूल्यांकन के अनुसार इनकी कीमत करीब 1.11 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जबकि बाजार मूल्य इससे कहीं अधिक होने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा एक महिंद्रा थार और दो मोटरसाइकिलों से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।

निगरानी टीम को पांच बैंक खातों की जानकारी भी मिली है। इनमें जमा राशि और अन्य वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि निवेश, चल-अचल संपत्ति और संभावित अन्य परिसंपत्तियों का भी सत्यापन किया जा रहा है।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि सीमित वेतन पाने वाले कर्मचारी ने इतनी बड़ी संपत्ति कैसे अर्जित की। सभी दस्तावेजों का मिलान आय के स्रोत, बैंक रिकॉर्ड और संपत्ति खरीद से जुड़े कागजात के साथ किया जा रहा है। यदि जांच के दौरान नई संपत्तियां सामने आती हैं तो मामला और गंभीर हो सकता है।

इस कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में भी चर्चा तेज हो गई है। निगरानी ब्यूरो का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें

समस्तीपुर में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस का विशेष अभियान

बिहार में भ्रष्टाचार के मामलों पर निगरानी की बड़ी कार्रवाई

नजरिया

भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में समय पर जांच और निष्पक्ष कार्रवाई प्रशासनिक व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के लिए जरूरी है। यदि कोई सरकारी कर्मचारी अपनी आय से अधिक संपत्ति अर्जित करता है तो उसकी पारदर्शी जांच और दोष सिद्ध होने पर कानूनी कार्रवाई न केवल जवाबदेही तय करती है, बल्कि अन्य कर्मचारियों के लिए भी स्पष्ट संदेश देती है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *