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Patna Ayurveda College Centenary: पटना आयुर्वेद कॉलेज के 100 वर्ष पूरे, राज्यपाल करेंगे शताब्दी समारोह का उद्घाटन

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Alam Ki Khabar: पटना स्थित राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं अस्पताल अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर भव्य शताब्दी समारोह मना रहा है। समारोह में राज्यपाल शामिल होंगे और 101 विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा।

पटना, 27 जुलाई। आलम की खबर: बिहार की आयुर्वेदिक चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहचान रखने वाला राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं अस्पताल आज अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर भव्य शताब्दी समारोह मना रहा है। राजधानी पटना के ज्ञान भवन में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन करेंगे। समारोह में देशभर से आए आयुर्वेद विशेषज्ञ, चिकित्सक, शिक्षाविद, पूर्व छात्र और बड़ी संख्या में विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।

शताब्दी समारोह को यादगार बनाने के लिए डाक विभाग की ओर से संस्थान पर आधारित विशेष स्मृति डाक आवरण भी जारी किया जाएगा। इस विशेष आवरण में महाविद्यालय एवं अस्पताल की ऐतिहासिक इमारत को स्थान दिया गया है, जो संस्थान की सौ वर्षों की गौरवशाली यात्रा का प्रतीक माना जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान आयुर्वेद शिक्षा, चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 101 विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें पूर्व प्राचार्य, अस्पताल अधीक्षक, वरिष्ठ चिकित्सक, शिक्षाविद और संस्थान के पूर्व छात्र शामिल हैं। आयोजकों का कहना है कि यह सम्मान संस्थान की समृद्ध परंपरा और सेवा भावना को समर्पित है।

मुख्य समारोह से पहले महाविद्यालय परिसर में "Ayurveda and Global Health Care" विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें देश और विदेश से आए विशेषज्ञों ने आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में आयुर्वेद की उपयोगिता, अनुसंधान और वैश्विक स्वीकार्यता पर अपने विचार रखे। विशेषज्ञों ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा और आयुर्वेद के प्रति दुनिया का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. उमा पांडेय ने कहा कि संस्थान ने पिछले 100 वर्षों में चिकित्सा, शिक्षा और शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अब अगले 100 वर्षों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक और पारंपरिक आयुर्वेद के समन्वय पर विशेष कार्य किया जाएगा।

समारोह में देश-विदेश से पहुंचे पूर्व छात्रों ने भी अपने छात्र जीवन की यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि इस संस्थान ने हजारों आयुर्वेद चिकित्सकों को तैयार कर देश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दी है। विशेषज्ञों ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह संस्थान राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान और मजबूत करेगा।

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विशेष टिप्पणी:

एक शैक्षणिक संस्थान का 100 वर्ष पूरा करना केवल इतिहास नहीं, बल्कि समाज के प्रति उसकी निरंतर सेवा का प्रमाण होता है। पटना आयुर्वेद महाविद्यालय ने चिकित्सा शिक्षा और आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार में जो योगदान दिया है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

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