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इमामगंज में जांच में अनियमितता के आरोप, डीएसपी अमित कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू

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Alam Ki Khabar: इमामगंज के तत्कालीन एसडीपीओ और वर्तमान एसटीएफ डीएसपी अमित कुमार पर दो आपराधिक मामलों की जांच में अनियमितता, आदेश उल्लंघन और लापरवाही के आरोपों पर गृह विभाग ने विभागीय कार्रवाई शुरू की।

पटना। आलम की खबर: बिहार सरकार के गृह विभाग ने वर्तमान में एसटीएफ में पदस्थापित डीएसपी अमित कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है। यह कार्रवाई उस समय की है जब वह गया जिले के इमामगंज अनुमंडल में एसडीपीओ के पद पर कार्यरत थे। आरोप है कि उन्होंने दो आपराधिक मामलों की जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं बरतीं, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की और अनुसंधान में अपेक्षित सतर्कता नहीं दिखाई।

गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार लुटुआ थाना कांड संख्या 22/2023 और कोठी थाना कांड संख्या 109/2023 की जांच की समीक्षा के बाद प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि तत्कालीन एसडीपीओ अमित कुमार के कार्यों में गंभीर लापरवाही, उदासीनता और अनुशासनहीनता के संकेत मिले हैं। विभागीय स्तर पर की गई जांच में आदेशों के उल्लंघन, मनमाने ढंग से कार्य करने तथा संदिग्ध आचरण जैसे आरोपों को भी प्रथम दृष्टया सही माना गया है।

बताया गया है कि इन मामलों की जांच को लेकर लंबे समय से शिकायतें और सवाल उठ रहे थे। उपलब्ध अभिलेखों एवं तथ्यों की समीक्षा के बाद गृह विभाग ने अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने का फैसला लिया। इसके तहत अमित कुमार को आरोपों का विस्तृत जवाब देने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है। उन्हें लिखित रूप से अपना पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश जारी किया गया है।

विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया के तहत अधिकारी के जवाब का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद साक्ष्यों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो सेवा नियमों के तहत उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार विभाग का मानना है कि अनुसंधान के दौरान निर्धारित प्रक्रिया और उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन करना प्रत्येक पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी है। यदि किसी अधिकारी द्वारा इसमें लापरवाही बरती जाती है तो उसका सीधा असर न्यायिक प्रक्रिया और कानून व्यवस्था पर पड़ सकता है। इसी कारण ऐसे मामलों में विभाग सख्त रुख अपनाता है।

गृह विभाग के इस कदम को पुलिस महकमे में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में अमित कुमार के जवाब और विभागीय जांच की प्रगति पर सभी की नजर रहेगी।

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विशेष टिप्पणी

पुलिस अनुसंधान किसी भी आपराधिक मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है। यदि जांच निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप नहीं होगी तो न्याय प्रभावित हो सकता है। विभागीय कार्रवाई शुरू होना यह संकेत देता है कि सरकार पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के पक्ष में है। हालांकि किसी भी अधिकारी को दोषी मानने से पहले विभागीय जांच पूरी होना और उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलना भी उतना ही आवश्यक है। निष्पक्ष जांच और पारदर्शी निर्णय ही जनता का विश्वास मजबूत कर सकते हैं।

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