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Tej Pratap Yadav News: जेल से रिहा होते ही मां राबड़ी और तेजस्वी से मिले तेज प्रताप, सियासी अटकलें तेज

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Alam Ki Khabar: बिहार बंद के दौरान गिरफ्तार किए गए तेज प्रताप यादव रिहा होने के बाद सीधे राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव से मिले। मुलाकात के बाद लालू परिवार में सुलह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

पटना, 29 जुलाई। आलम की खबर: बिहार की राजनीति में उस समय नई चर्चा शुरू हो गई जब जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव बेउर जेल से रिहा होने के बाद सीधे अपनी मां राबड़ी देवी और छोटे भाई तेजस्वी यादव से मिलने उनके आवास पहुंचे। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा है कि क्या लंबे समय से चली आ रही पारिवारिक दूरी अब कम होने लगी है। हालांकि परिवार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

तेज प्रताप यादव को बिहार बंद और छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज मामले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में बिहार सरकार ने छात्र आंदोलन से जुड़े 64 मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया, जिसके बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ। जेल से बाहर आते ही समर्थकों ने उनका स्वागत किया, लेकिन उन्होंने किसी सार्वजनिक सभा या राजनीतिक बयान के बजाय परिवार से मुलाकात को प्राथमिकता दी।

कौटिल्य नगर स्थित आवास पर पहुंचकर तेज प्रताप यादव ने सबसे पहले अपनी मां राबड़ी देवी का आशीर्वाद लिया। इसके बाद उनकी मुलाकात तेजस्वी यादव से हुई। दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों के बीच अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से तेज प्रताप यादव और राष्ट्रीय जनता दल के बीच राजनीतिक दूरी बनी हुई थी। पार्टी से अलग होने के बाद उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक राह चुनी थी। ऐसे में रिहाई के तुरंत बाद परिवार से हुई मुलाकात को कई लोग रिश्तों में नरमी के संकेत के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि इस पर कोई निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी।

तेजस्वी यादव ने गिरफ्तारी के समय सार्वजनिक रूप से अपने बड़े भाई का समर्थन किया था और सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। अब रिहाई के बाद दोनों भाइयों का आमने-सामने आना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि दोनों नेताओं ने मीडिया से बातचीत नहीं की और मुलाकात के बाद भी कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया।

25 जुलाई को हुए बिहार बंद के दौरान तेज प्रताप यादव आंदोलन में शामिल हुए थे। पहले उन्हें हिरासत में लेकर छोड़ा गया, लेकिन बाद में दर्ज मामले के आधार पर दोबारा गिरफ्तार किया गया। अब सरकार द्वारा छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों में एफआईआर वापस लेने के फैसले के बाद उन्हें रिहा किया गया है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में यदि परिवार या संबंधित राजनीतिक दल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है, तभी यह स्पष्ट होगा कि यह मुलाकात केवल पारिवारिक थी या इसके राजनीतिक मायने भी हैं।

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विशेष टिप्पणी

बिहार की राजनीति में पारिवारिक और राजनीतिक घटनाक्रम अक्सर साथ-साथ चलते हैं। ऐसे में किसी एक मुलाकात को अंतिम राजनीतिक संकेत मानना उचित नहीं होगा। भविष्य की तस्वीर परिवार और संबंधित दलों के आधिकारिक रुख से ही स्पष्ट होगी।

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