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Bihar NEET Paper Leak Fast Track Court: बिहार में परीक्षा घोटालों पर सख्ती, NEET समेत मामलों के लिए बने 3 फास्ट ट्रैक कोर्ट

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Alam Ki Khabar: बिहार में NEET पेपर लीक और अन्य परीक्षा धांधली के मामलों की सुनवाई तेज करने के लिए पटना, लखीसराय और पूर्णिया में तीन विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया है।

पटना, 29 जुलाई। आलम की खबर: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के मामलों पर तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब NEET पेपर लीक समेत विभिन्न परीक्षा अनियमितताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए राज्य में तीन विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए हैं। पटना हाईकोर्ट की सहमति के बाद पटना, लखीसराय और पूर्णिया में इन अदालतों का गठन किया गया है, जहां पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट-2024 के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई होगी।

सरकार का मानना है कि विशेष अदालतों के गठन से जांच और न्यायिक प्रक्रिया दोनों में तेजी आएगी। लंबे समय से लंबित परीक्षा घोटालों के मामलों का शीघ्र निपटारा हो सकेगा और दोषियों के खिलाफ समय पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को मजबूत करने की दिशा में भी यह अहम पहल मानी जा रही है।

तीनों फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी गई है। पटना में एडीजे गौरव सिंह, लखीसराय में एडीजे सीमा भारतीय तथा पूर्णिया में एडीजे अमन कुमार ठाकुर को इन विशेष अदालतों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब ये अदालतें परीक्षा संबंधी गंभीर मामलों की नियमित सुनवाई करेंगी।

पटना स्थित विशेष अदालत के समक्ष कई चर्चित मामलों की सुनवाई होने की संभावना है। इनमें TRE-3 शिक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक, सिपाही भर्ती परीक्षा अनियमितता, 67वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा से जुड़े विवाद तथा AEO परीक्षा पेपर लीक जैसे मामले शामिल हैं। इन मामलों में जांच एजेंसियां पहले से साक्ष्य जुटाने और आरोपियों की भूमिका की जांच में जुटी हैं।

वहीं लखीसराय में री-NEET परीक्षा से जुड़े कथित अनियमितता के मामलों की सुनवाई होगी, जबकि पूर्णिया में SSC MTS परीक्षा से जुड़े मामलों को विशेष अदालत में भेजा जाएगा। इससे अलग-अलग जिलों में दर्ज महत्वपूर्ण मामलों का शीघ्र निष्पादन संभव हो सकेगा।

पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट-2024 को प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, संगठित नकल, फर्जीवाड़ा और अन्य अनियमितताओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से लागू किया गया है। बिहार में गठित विशेष अदालतें इसी कानून के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई करेंगी। इससे जांच एजेंसियों और अभियोजन पक्ष को भी मामलों को तेजी से आगे बढ़ाने में सुविधा मिलेगी।

हाल के वर्षों में बिहार में कई बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं ने लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए थे। ऐसे में सरकार की यह पहल परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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विशेष टिप्पणी:

प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार और जांच एजेंसियों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन से मामलों के त्वरित निपटारे की उम्मीद बढ़ी है। यदि जांच निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरी होती है तो इससे अभ्यर्थियों का भरोसा भी मजबूत होगा और भविष्य में परीक्षा माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।

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