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Bihar News: अब सिपाही और ASI नहीं करेंगे वाहन जांच, बिहार पुलिस ने जारी किया नया आदेश

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Alam Ki Khabar: बिहार पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब सिपाही और ASI वाहन जांच नहीं करेंगे। दारोगा और उससे ऊपर के अधिकारियों को ही जांच का अधिकार होगा। बॉडी कैमरा और ट्रैफिक मॉनिटरिंग को लेकर भी नए निर्देश जारी किए गए हैं।

पटना, 31 जुलाई। आलम की खबर: बिहार में वाहन जांच की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। नए आदेश के तहत अब सड़क पर वाहन रोककर जांच करने का अधिकार केवल दारोगा (SI) और उससे ऊपर के अधिकारियों के पास होगा। सिपाही और सहायक अवर निरीक्षक (ASI) अब वाहन चालकों के कागजात या अन्य जांच नहीं कर सकेंगे। उनकी भूमिका ट्रैफिक संचालन और जाम नियंत्रण तक सीमित रहेगी।

बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य वाहन जांच के दौरान मिलने वाली शिकायतों को कम करना और ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाना है। आदेश का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि वाहन जांच केवल दारोगा या उससे ऊपर के अधिकारी करेंगे। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था की निगरानी के लिए विशेष जांच दल भी गठित किए जाएंगे। यदि कहीं यह शिकायत मिलती है कि सिपाही या ASI वाहन जांच कर रहे हैं तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई होगी।

ट्रैफिक पुलिस की जवाबदेही बढ़ाने के लिए बॉडी वॉर्न कैमरा को भी अनिवार्य कर दिया गया है। ट्रैफिक ड्यूटी और वाहन जांच के दौरान सभी संबंधित पुलिसकर्मियों को कैमरा चालू रखना होगा। यदि किसी विवाद के समय कैमरा बंद पाया जाता है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित पुलिसकर्मी की होगी।

पटना में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए पीक आवर के दौरान पर्यवेक्षी अधिकारियों की सड़क पर मौजूदगी भी अनिवार्य की गई है। इसके साथ ही ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी अब केवल किसी एक चौराहे तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन्हें पूरे सड़क खंड (स्ट्रेच) की जिम्मेदारी दी जाएगी ताकि जाम की स्थिति पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सके।

पुलिस विभाग वन-वे व्यवस्था, नो पार्किंग जोन, अतिक्रमण हटाने और ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़े अन्य सुधारों पर भी काम करेगा। अधिकारियों का मानना है कि इन कदमों से राजधानी पटना सहित पूरे बिहार में यातायात व्यवस्था अधिक सुचारु होगी और आम लोगों को जाम से राहत मिलेगी।

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संपादकीय

यातायात व्यवस्था में सुधार केवल नियम बनाने से नहीं, बल्कि उनके निष्पक्ष और प्रभावी पालन से आता है। वाहन जांच का अधिकार सीमित करने और बॉडी कैमरा अनिवार्य करने जैसे फैसले जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। यदि इन निर्देशों का ईमानदारी से पालन हुआ तो आम लोगों का पुलिस व्यवस्था पर विश्वास भी मजबूत होगा और सड़क पर अनावश्यक विवादों में कमी आ सकती है।

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