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Patna Cyber Crime News: अमेरिका में रहने वाला बेटा बनकर बुजुर्ग महिला से 6 लाख की साइबर ठगी, दानापुर में चौंकाने वाला मामला

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Alam Ki Khabar: पटना के दानापुर में 75 वर्षीय महिला को अमेरिका में रहने वाला बेटा बनकर साइबर ठग ने भावनात्मक रूप से फंसाया और करीब 6 लाख रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पटना, 1 अगस्त। आलम की खबर: राजधानी पटना के दानापुर क्षेत्र में साइबर अपराध का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि ऑनलाइन ठग अब तकनीक के साथ-साथ भावनाओं का भी हथियार बना रहे हैं। इस बार ठगों ने एक 75 वर्षीय महिला को अपना निशाना बनाया और खुद को विदेश में रहने वाला बेटा बताकर उनकी जीवनभर की जमा पूंजी करीब छह लाख रुपये ठग लिए।

पीड़िता दानापुर के यदुवंशी नगर की रहने वाली कंचन देवी हैं। उनके अनुसार करीब दस दिन पहले एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। उसने अपना नाम राहुल बताते हुए खुद को अमेरिका में रहने वाला व्यवसायी बताया। बातचीत के दौरान उसने खुद को अनाथ बताते हुए महिला से मां का स्नेह देने की बात कही। अकेलेपन का फायदा उठाते हुए उसने लगातार बातचीत के जरिए महिला का विश्वास जीत लिया।

कुछ दिनों बाद ठग ने कहा कि वह भारत आ रहा है और पटना में उनसे मिलने पहुंचेगा। इसके बाद उसने वीडियो कॉल कर दावा किया कि वह मुंबई एयरपोर्ट पर फंस गया है। वीडियो कॉल में पुलिस जैसी वर्दी पहने एक व्यक्ति को भी दिखाया गया, जिससे पूरी कहानी वास्तविक प्रतीत हुई।

ठग ने महिला से कहा कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करने और वहां से निकलने के लिए तत्काल पैसे की जरूरत है। भरोसे में आ चुकी महिला ने पहले 25 हजार रुपये भेजे। इसके बाद अलग-अलग किस्तों में लगभग छह लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।

जानकारी के अनुसार वृद्ध महिला लगातार तीन दिनों तक बैंक और ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) जाकर रकम भेजती रहीं। उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वे साइबर अपराधियों के सुनियोजित जाल में फंस चुकी हैं।

जब ठग ने एक बार फिर अतिरिक्त रुपये की मांग की, तब महिला को संदेह हुआ। परिजनों और परिचितों से चर्चा करने के बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पटना साइबर थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने मामला दर्ज कर बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराधी अब रिश्तों, भावनाओं और विश्वास का सहारा लेकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। खासकर अकेले रहने वाले बुजुर्ग ऐसे मामलों में अधिक संवेदनशील होते हैं। किसी भी अनजान व्यक्ति की बातों में आकर रुपये भेजने से पहले परिवार या पुलिस से सलाह लेना बेहद जरूरी है।

यह घटना समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि डिजिटल दुनिया में केवल तकनीकी जानकारी ही नहीं, बल्कि भावनात्मक सतर्कता भी उतनी ही आवश्यक है।

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विशेष टिप्पणी

साइबर अपराधी अब हैकिंग से ज्यादा भावनात्मक विश्वास का इस्तेमाल कर रहे हैं। परिवारों को चाहिए कि वे अपने बुजुर्ग सदस्यों को समय-समय पर साइबर सुरक्षा की जानकारी दें और किसी भी संदिग्ध कॉल या पैसों की मांग की स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।

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