:
Breaking News

Bihar Crime News:डेहरी नगर परिषद EO हत्याकांड का खुलासा, ओवरटाइम और डांट से नाराज चालक ने की थी हत्या

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar: रोहतास के डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। आरोपी चालक ने पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार की है।

रोहतास। आलम की खबर: रोहतास जिले के डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। जांच के बाद पुलिस का कहना है कि इस वारदात को किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि अधिकारी के चालक मिथलेश कुमार ने अंजाम दिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार किया है और घटना की पूरी जानकारी पुलिस को दी है।

पुलिस के अनुसार चालक लंबे समय से अधिक ड्यूटी, लगातार काम के दबाव और अधिकारी की फटकार से मानसिक रूप से परेशान था। घटना वाले दिन डेहरी से पटना जाने के दौरान उसने देर शाम यात्रा करने से असहमति जताई थी। आरोप है कि इस दौरान दोनों के बीच कहासुनी भी हुई, जिससे चालक का गुस्सा बढ़ता गया।

जांच में सामने आया कि बारुण थाना क्षेत्र के नहर मार्ग पर चालक ने पेशाब करने के बहाने वाहन रोका। इसी दौरान उसने वाहन में रखी टायर खोलने वाली लोहे की रॉड से अधिकारी के सिर पर कई वार किए। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

वारदात के बाद आरोपी ने घटना को सड़क दुर्घटना और लूटपाट का रूप देने की कोशिश की। उसने पुलिस को बताया कि अपाची बाइक सवार बदमाशों ने हमला किया था, लेकिन पूछताछ के दौरान उसके बयान बार-बार बदलते रहे। इसी विरोधाभास के आधार पर पुलिस का शक गहराया और सख्ती से पूछताछ में उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड भी बरामद कर ली है। प्रारंभिक जांच में इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने नहीं आने की बात कही गई है। फिलहाल आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि यह जानकारी पुलिस की जांच और आरोपी के कथित स्वीकारोक्ति पर आधारित है। मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।

यह भी पढ़ें: बिहार में TRE-4 भर्ती को लेकर बड़ा अपडेट समस्तीपुर के 9 प्रखंडों में खुलेंगे ब्लड कलेक्शन सेंटर

विशेष टिप्पणी:

यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि कार्यस्थल पर बढ़ते मानसिक दबाव और तनाव की ओर भी ध्यान खींचता है। हालांकि किसी भी परिस्थिति में हिंसा का कोई औचित्य नहीं हो सकता। इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *