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Bihar News: बिहार की जेलों में फिर शुरू हुई ई-मुलाकात, अब घर बैठे वीडियो कॉल से मिल सकेंगे बंदियों से

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Alam Ki Khabar: Bihar News, Patna News | बिहार की जेलों में ई-मुलाकात प्रणाली फिर शुरू हो गई है। अब बंदियों के परिजन, वकील और डॉक्टर ऑनलाइन स्लॉट बुक कर वीडियो कॉल या जेल में मुलाकात कर सकेंगे। जानिए पूरी प्रक्रिया।
पटना, 4 अगस्त। आलम की खबर: बिहार सरकार ने जेल प्रशासन को अधिक आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य की जेलों में ई-मुलाकात (e-Mulakat) प्रणाली को फिर से प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत अब बंदियों के परिजन, अधिवक्ता और चिकित्सक ऑनलाइन आवेदन कर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत कर सकेंगे या फिर अपनी सुविधा के अनुसार जेल में जाकर मुलाकात के लिए समय तय कर सकेंगे।
इस नई व्यवस्था की शुरुआत मुजफ्फरपुर स्थित शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा से की गई है। कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय के निर्देश पर जेल प्रशासन ने आधुनिक तकनीक के साथ इस सुविधा को दोबारा शुरू किया है। अधिकारियों का कहना है कि चरणबद्ध तरीके से इसे बिहार की अन्य जेलों में भी लागू किया जाएगा।
ई-मुलाकात के लिए दो विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। पहला, नेशनल प्रिजंस इन्फॉर्मेशन पोर्टल (ePrisons) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन, जिसमें बंदी और मुलाकाती का पूरा विवरण भरना होगा। दूसरा, 'सिटीजन सर्विस' के जरिए मोबाइल नंबर सत्यापित कर ओटीपी के माध्यम से लॉगिन कर स्लॉट बुक करना होगा।
नई प्रणाली में आवेदक अपनी आवश्यकता के अनुसार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से घर बैठे बातचीत या जेल परिसर में जाकर पारंपरिक मुलाकात—दोनों में से किसी एक विकल्प का चयन कर सकते हैं। इससे दूर-दराज के जिलों और दूसरे राज्यों में रहने वाले परिवारों को लंबी यात्रा और अतिरिक्त खर्च से राहत मिलने की उम्मीद है।
ऑनलाइन आवेदन करते समय पहचान पत्र, फोटो और साथ आने वाले अन्य व्यक्तियों का विवरण अपलोड करना अनिवार्य होगा। आवेदन स्वीकृत होने के बाद निर्धारित समय पर ही मुलाकात की जा सकेगी। जेल प्रशासन के अनुसार प्रत्येक बंदी को सप्ताह में एक बार ई-मुलाकात की सुविधा मिलेगी।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि आवेदन करते समय किसी साइबर कैफे या दूसरे व्यक्ति के मोबाइल नंबर का उपयोग न करें। अपना मोबाइल नंबर इस्तेमाल करने से ओटीपी सत्यापन और अनुमति प्रक्रिया आसान होगी तथा पहचान की पुष्टि भी सही ढंग से हो सकेगी।
कोरोना महामारी के दौरान शुरू की गई ई-मुलाकात व्यवस्था को बाद में बंद कर दिया गया था। अब इसे पहले से अधिक सुरक्षित और आधुनिक तकनीक के साथ दोबारा लागू किया गया है। जेल प्रशासन का मानना है कि इससे जेलों में भीड़ कम होगी, रिकॉर्ड डिजिटल रहेगा और मुलाकात प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह व्यवस्था उन परिवारों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी जो आर्थिक या भौगोलिक कारणों से बार-बार जेल नहीं पहुंच पाते। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा से बंदियों और उनके परिजनों के बीच संवाद पहले की तुलना में अधिक आसान होगा।
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विशेष टिप्पणी:
डिजिटल इंडिया की दिशा में बिहार की जेलों में ई-मुलाकात प्रणाली का दोबारा शुरू होना एक सकारात्मक पहल है। इससे न केवल बंदियों के परिवारों की परेशानी कम होगी बल्कि जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली भी अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनेगी। यदि यह व्यवस्था सफल रहती है तो पूरे राज्य में जेल प्रबंधन के लिए एक प्रभावी मॉडल साबित हो सकती है।

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