:
Breaking News

Bihar News:डेहरी नगर परिषद EO हत्याकांड में जांच का बड़ा मोड़, पोस्टमार्टम और SIT जांच से सामने आई नई कहानी

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar |Aurangabad News।Bihar News | Patna News | डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार हत्याकांड में SIT जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने ड्राइवर की भूमिका को लेकर अहम जानकारी दी है।

औरंगाबाद, 6 अगस्त। आलम की खबर: डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार हत्याकांड की जांच में बड़ा मोड़ आया है। विशेष जांच दल (SIT) का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर इस मामले में चालक की भूमिका संदिग्ध से आरोपी के रूप में उभरकर सामने आई है। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान चालक ने घटना से जुड़े कई अहम तथ्य बताए हैं, जिनकी जांच उपलब्ध साक्ष्यों से मिलान कर की जा रही है।

जांच में शामिल अधिकारियों के अनुसार मेडिकल बोर्ड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर गोली या धारदार हथियार से हमला किए जाने के प्रमाण नहीं मिले। रिपोर्ट में सिर, गर्दन, सीने, पसलियों, फेफड़ों और लिवर पर गंभीर चोटों का उल्लेख है। चिकित्सकीय राय के अनुसार मौत का कारण किसी भारी और कुंद वस्तु से लगी कई गंभीर चोटें बताया गया है।

पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच के बाद चालक मिथलेश कुमार से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उसने कथित रूप से स्वीकार किया कि लंबे समय से लगातार ड्यूटी और तनाव के कारण उसका कार्यपालक पदाधिकारी से विवाद चलता था। जांच में नगर परिषद के कुछ कर्मचारियों से भी इस संबंध में जानकारी जुटाई गई है।

SIT के अनुसार घटना वाले दिन डेहरी से पटना लौटते समय दोनों के बीच फिर कहासुनी हुई। पुलिस का दावा है कि विवाद बढ़ने के बाद चालक ने वाहन रोककर लोहे की रॉड से हमला किया। इसके बाद घटनास्थल पर मौजूद परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच की गई। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी की निशानदेही पर कथित रूप से घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड बरामद कर ली गई है।

जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपी के कथित बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई बिंदुओं पर समानता दिखाई दे रही है। हालांकि पुलिस अभी भी सभी भौतिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों का मिलान कर रही है ताकि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की पुष्टि हो सके।

मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस टावर डंप डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), आईपीडीआर और घटनास्थल से लेकर डेहरी तक के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। नगर परिषद के कर्मचारियों सहित कई लोगों से पूछताछ भी जारी है।

इस बीच मृतक की पत्नी बबीता विमल ने डेहरी के विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलकर निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने परिवार को सुरक्षा, आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने की भी मांग रखी है। दूसरी ओर विधायक ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि उनका कार्यपालक पदाधिकारी से केवल सरकारी कामकाज के सिलसिले में संपर्क था और सच्चाई जांच से सामने आ जाएगी।

गौरतलब है कि 1 अगस्त की रात डेहरी से पटना लौटते समय औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र में विमल कुमार की हत्या हुई थी। शुरुआती जांच में इसे बाहरी हमलावरों की वारदात माना जा रहा था, लेकिन अब SIT की जांच ने मामले को नई दिशा दे दी है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष सभी साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही सामने आएगा।

यह भी पढ़ें:

• मुंगेर में ईडी की बड़ी छापेमारी

• रिश्वत मामले में पूर्व PF पदाधिकारी को अदालत से सजा

जांच पूरी होने तक अंतिम निष्कर्ष से बचना जरूरी

चर्चित मामलों में शुरुआती जानकारी और बाद की जांच अक्सर अलग तस्वीर पेश करती है। ऐसे मामलों में वैज्ञानिक साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण होती है। पुलिस की जांच अपने स्तर पर जारी है, लेकिन अंतिम सच अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा। इसलिए किसी भी पक्ष को दोषी या निर्दोष मानने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार करना आवश्यक है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *