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RJD News: सभी कमेटियां भंग होने के फैसले के साथ भाई वीरेंद्र बोले- मजबूत होगा संगठन, अच्छे लोगों को मिलेगी जिम्मेदारी

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | RJD News | राजद की सभी संगठनात्मक कमेटियां भंग होने के बाद भाई वीरेंद्र ने तेजस्वी यादव के फैसले का समर्थन किया। बोले- अच्छे और समर्पित लोगों को जिम्मेदारी मिलेगी।

पटना, 7 अगस्त। राष्ट्रीय जनता दल में संगठन को नए सिरे से तैयार करने की कवायद के बीच पार्टी के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने सभी संगठनात्मक कमेटियों को भंग किए जाने के फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि राजद नेतृत्व का यह कदम संगठन को कमजोर करने के लिए नहीं, बल्कि उसे अधिक प्रभावी और मजबूत बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। भाई वीरेंद्र के बयान के बाद पार्टी के भीतर होने वाले संभावित संगठनात्मक फेरबदल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

भाई वीरेंद्र ने कहा कि संगठन में अब ऐसे लोगों को आगे लाने की जरूरत है जो पार्टी के प्रति पूरी तरह समर्पित होकर काम करें। उनके मुताबिक नई व्यवस्था में जिम्मेदारी देने से पहले कार्यकर्ताओं की सक्रियता, निष्ठा और पार्टी के लिए किए गए काम को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

उन्होंने संकेत दिया कि इस बार राजद का संगठन पुराने ढर्रे पर तैयार नहीं होगा। पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में शामिल लोगों को संगठनात्मक जिम्मेदारी से दूर रखा जा सकता है। उनका कहना था कि नेतृत्व का उद्देश्य एक ऐसी टीम तैयार करना है जो जमीन पर पार्टी के लिए प्रभावी ढंग से काम कर सके।

भाई वीरेंद्र ने संगठनात्मक कमेटियों को भंग करने के फैसले को राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी को आने वाली राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए मजबूत संगठन की जरूरत है और इसी दिशा में नई टीम तैयार की जाएगी।

उन्होंने कहा कि संगठन का पुनर्गठन जल्दबाजी में नहीं बल्कि विचार-विमर्श के बाद होना चाहिए। पार्टी के सक्रिय और मेहनती नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को उनकी क्षमता के अनुसार जिम्मेदारी दी जाए, ताकि पंचायत से लेकर जिला और प्रदेश स्तर तक संगठन को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके।

तेजस्वी यादव की सक्रियता का जिक्र करते हुए भाई वीरेंद्र ने कहा कि पार्टी के नेता लगातार कार्यकर्ताओं और आम लोगों से संपर्क में हैं। उनके अनुसार तेजस्वी यादव पार्टी नेताओं के साथ बैठक करने के अलावा आम लोगों की समस्याओं को भी सुन रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि तेजस्वी यादव से मिलने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं और पार्टी नेतृत्व लगातार जमीनी फीडबैक ले रहा है।

भाई वीरेंद्र ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर भी स्पष्ट रुख रखा। उन्होंने कहा कि संगठन में उन्हें कोई जिम्मेदारी मिले या नहीं, वह पार्टी के लिए काम करते रहेंगे। उनके अनुसार पद से ज्यादा महत्वपूर्ण पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता है।

राजद विधायक ने कहा कि संगठन में किसे कौन-सी जिम्मेदारी दी जाएगी, इसका अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि नई व्यवस्था में योग्य और मेहनती कार्यकर्ताओं को उचित स्थान मिलेगा।

इस दौरान भाई वीरेंद्र ने भाजपा और नीतीश कुमार को लेकर भी राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने बांकीपुर उपचुनाव का हवाला देते हुए भाजपा की स्थिति पर सवाल उठाए और कहा कि बिहार में भाजपा के विस्तार में नीतीश कुमार की राजनीतिक भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

उन्होंने नीतीश कुमार के शासनकाल की आलोचना करते हुए भ्रष्टाचार और अफसरशाही के मुद्दे पर भी निशाना साधा। भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में प्रशासनिक व्यवस्था पर अधिकारियों का प्रभाव बढ़ा और आम लोगों को कई स्तरों पर परेशानियों का सामना करना पड़ा।

लालू प्रसाद यादव के शासनकाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने उसकी तुलना मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था से की। भाई वीरेंद्र ने दावा किया कि लालू प्रसाद के समय समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के काम बिना भेदभाव के होते थे। उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव के आधार पर उस दौर की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को बेहतर बताते हुए वर्तमान व्यवस्था पर सवाल उठाए।

हालांकि भाई वीरेंद्र के इन राजनीतिक दावों और आरोपों पर भाजपा या जदयू की ओर से प्रतिक्रिया सामने आने पर ही तस्वीर का दूसरा पक्ष स्पष्ट होगा। फिलहाल राजद के भीतर सबसे बड़ा मुद्दा संगठन का पुनर्गठन है।

सभी कमेटियों को भंग किए जाने के बाद अब पार्टी में नई प्रदेश, जिला और अन्य संगठनात्मक इकाइयों के गठन को लेकर नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजर नेतृत्व के अगले फैसले पर है। नई टीम में पुराने चेहरों को दोबारा मौका मिलता है या नए कार्यकर्ताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी जाती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

भाई वीरेंद्र के बयान से इतना संकेत जरूर मिला है कि राजद संगठन में बदलाव को केवल औपचारिक प्रक्रिया के रूप में नहीं देख रहा है। पार्टी नेतृत्व जमीनी स्तर पर सक्रिय और भरोसेमंद चेहरों को आगे लाकर संगठन को आगामी राजनीतिक मुकाबलों के लिए तैयार करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

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